24 News Update कोटा/बूंदी। बूंदी जिले के डाबी थाना क्षेत्र में वन्यजीव रेस्क्यू के दौरान बड़ी चूक सामने आई है। कुएं से बाहर निकाले गए एक भालू ने रिहा किए जाते ही खेत में काम कर रही महिला पर हमला कर दिया। इस हमले में महिला के हाथ, पैर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। महिला को गंभीर हालत में कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।घटना करौंदी गांव के पास धनेश्वर इलाके की है। घायल महिला की पहचान मतीया बाई (40) के रूप में हुई है। यह घटना मंगलवार सुबह करीब 11 बजे हुई। कुएं में गिरा भालू, सुबह पहुंची वन विभाग की टीमग्रामीणों के अनुसार, गांव के पास स्थित एक कुएं में भालू गिर गया था और वह कई घंटों तक बाहर नहीं निकल पाया। सुबह इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाइड्रा क्रेन की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।रेस्क्यू के दौरान क्रेन के जरिए कुएं में एक चारपाई उतारी गई। भालू ने चारपाई पकड़ ली और उसी के सहारे बाहर निकल आया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। जंगल की ओर छोड़ते ही बिगड़ी स्थितिकुएं से बाहर आते ही भालू घबराया हुआ नजर आया और जंगल की ओर भागने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भालू को न तो ट्रेंक्यूलाइज किया गया और न ही आसपास सुरक्षा घेरा बनाया गया था। भीड़ को भी मौके से दूर नहीं हटाया गया।इसी अफरा-तफरी के बीच भालू खेतों की तरफ मुड़ गया। उसी समय खेत में काम कर रही मतीया बाई अचानक उसके सामने आ गई। भालू ने महिला पर हमला कर दिया और उसे जमीन पर गिरा दिया। हाथ, पैर और चेहरे पर गहरे घावहमले में महिला के हाथ, पैर और मुंह पर गंभीर चोटें आईं। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह भालू को भगाया। घायल महिला को पहले गांव में प्राथमिक उपचार दिया गया, इसके बाद हालत गंभीर होने पर उसे तुरंत कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। परिजनों का आरोप: लापरवाही से हुआ हादसाघायल महिला के परिजनों का कहना है कि इलाके में पहले भी भालू की मौजूदगी को लेकर वन विभाग को सूचना दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका आरोप है कि यदि भालू को सुरक्षित तरीके से ट्रेंक्यूलाइज कर रेस्क्यू किया जाता और लोगों को पहले ही दूर कर दिया जाता, तो यह हादसा टल सकता था। ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांगघटना के बाद करौंदी और आसपास के गांवों में वन विभाग के खिलाफ नाराजगी है। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और पूरे मामले की जांच की मांग की है। साथ ही भविष्य में वन्यजीव रेस्क्यू के दौरान मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की मांग उठाई गई है। वन विभाग का जवाबडाबी वन विभाग के एसीएफ नितिन सैनी ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर टीम मौके पर पहुंची थी। भालू काफी समय से कुएं में गिरा हुआ था, जिसे क्रेन और अन्य संसाधनों की मदद से बाहर निकालकर जंगल की ओर छोड़ दिया गया।उन्होंने बताया कि उसी दौरान जंगल की ओर जाने वाले रास्ते से कुछ महिलाएं आ रही थीं, तभी भालू ने हमला कर दिया, जिसमें मतीया बाई घायल हो गई। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation हाई सिक्योरिटी जेल या हाई-टेक हब? राजस्थान की जेलों में चल रहे ‘क्राइम अन—कंट्रोल रूम’ रेलगाड़ी में ‘सांप’ की अफवाह से हड़कंप: दो घंटे दहशत, कोटा में खुला राज—निकला रबर का खिलौना