उदयपुर। पारस हेल्थ उदयपुर ने दक्षिण राजस्थान में पहली बार रीनल डेनर्वेशन (RDN) जैसी अत्याधुनिक और मिनिमली इनवेसिव कार्डियक तकनीक की शुरुआत कर एक नया चिकित्सा आयाम जोड़ा है। यह ऐसी अत्याधुनिक प्रक्रिया है जो उन मरीजों के लिए उम्मीद लेकर आई है, जिनका ब्लड प्रेशर कई दवाओं के सेवन के बावजूद भी नियंत्रित नहीं हो पाता। इस उपलब्धि के साथ पारस हेल्थ उदयपुर प्रदेश के चुनिंदा मेडिकल सेंटर्स में शामिल हो गया है जो रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन के उपचार में RDN प्रक्रिया कर रहे हैं।
नई तकनीक की यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है जब 2025 के नवीनतम मेटा-एनालिसिस में स्पष्ट किया गया है कि भारत में 27% वयस्क उच्च रक्तचाप से प्रभावित हैं। वहीं NFHS-5 के विश्लेषण के अनुसार आधे से अधिक पुरुष और एक-तिहाई से ज़्यादा महिलाएँ दवाओं के बावजूद अपनी हाइपरटेंशन की समस्या को नियंत्रित नहीं कर पातीं।
डॉ. अमित खंडेलवाल की अगुवाई में सफल RDN प्रक्रिया
इस पहली RDN प्रक्रिया को कार्डियोलॉजी विभाग के डायरेक्टर एवं HOD डॉ. अमित खंडेलवाल ने लीड किया। उनके साथ डॉ. नितिन कौशिक (कार्डियक इंटेंसिविस्ट) और डॉ. जयेश खंडेलवाल (कंसल्टेंट—नॉन-इनवेसिव कार्डियोलॉजी) की टीम शामिल रही।
RDN प्रक्रिया में कैथेटर की मदद से रीनल आर्टरीज के आसपास मौजूद अतिसक्रिय सिम्पैथेटिक नर्व्स को रेडियोफ्रीक्वेंसी ऊर्जा से शांत किया जाता है। यही नर्व्स लगातार उच्च रक्तचाप का कारण बनती हैं। इनके सक्रिय संकेतों को ब्लॉक करने से ब्लड प्रेशर स्वाभाविक रूप से घटने लगता है।
प्रक्रिया की विशेषताएँ:
- समय: 45–60 मिनट
- एनेस्थीसिया: लोकल
- रिकवरी: अधिकांश मरीज उसी दिन या अगले दिन डिस्चार्ज
“RDN रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन के लिए साइंटिफिक ब्रेकथ्रू” – डॉ. खंडेलवाल
डॉ. अमित खंडेलवाल ने कहा:
“हम ऐसे मरीज लगातार देख रहे हैं जिनका ब्लड प्रेशर तीन या उससे अधिक दवाओं के बावजूद भी नियंत्रित नहीं होता। यह समस्या अनुशासन की कमी नहीं, बल्कि शरीर में मौजूद रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन की बायोलॉजिकल प्रकृति है। RDN सीधे इसी अतिसक्रिय नर्व रिस्पॉन्स को टारगेट करता है, जहां दवाएँ अक्सर असर नहीं दिखा पातीं।”
उन्होंने कहा कि यह सुविधा शुरू होने से ऐसे मरीजों के लिए नया रास्ता खुला है जिनके पास पहले सीमित विकल्प ही थे।
“अब इस हाई-एंड तकनीक के लिए बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं’’ – डॉ. प्रसून कुमार
पारस उदयपुर के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. प्रसून कुमार ने बताया:
“यह तकनीक दक्षिण राजस्थान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। अब मरीजों को एडवांस्ड ब्लड प्रेशर ट्रीटमेंट के लिए मेट्रो शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। हमारा क्लिनिकल सेटअप, टीम और प्रोटोकॉल अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरते हैं।”
किन मरीजों को RDN की आवश्यकता होती है?
यह प्रक्रिया उन वयस्कों को दी जाती है—
- जिन्हें रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन है,
- जिन पर कम से कम तीन दवाओं (जिसमें एक डाइयूरेटिक शामिल हो) का असर नहीं हो रहा,
- और जिनकी जांच में किडनी फंक्शन व रीनल आर्टरी एнатॉमी प्रक्रिया के लिए उपयुक्त पाई जाती है।
उदयपुर में कार्डियक उपचार का नया स्तर
RDN उपलब्ध होने के साथ पारस हेल्थ उदयपुर अब उन्नत कार्डियक तकनीकों और साक्ष्य-आधारित उपचारों के साथ अपनी सेवाओं को और मजबूत कर चुका है। अस्पताल की कार्डियोलॉजी टीम जटिल हृदय रोगों के लिए संपूर्ण इंटरवेंशनल व डायग्नोस्टिक सुविधा प्रदान करती है।
दक्षिण राजस्थान में पहली बार पारस हेल्थ उदयपुर में रीनल डेनर्वेशन प्रक्रिया, रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन मरीजों के लिए बड़ी राहत
उदयपुर। पारस हेल्थ उदयपुर ने दक्षिण राजस्थान में पहली बार रीनल डेनर्वेशन (RDN) जैसी अत्याधुनिक और मिनिमली इनवेसिव कार्डियक तकनीक की शुरुआत कर एक नया चिकित्सा आयाम जोड़ा है। यह ऐसी अत्याधुनिक प्रक्रिया है जो उन मरीजों के लिए उम्मीद लेकर आई है, जिनका ब्लड प्रेशर कई दवाओं के सेवन के बावजूद भी नियंत्रित नहीं हो पाता। इस उपलब्धि के साथ पारस हेल्थ उदयपुर प्रदेश के चुनिंदा मेडिकल सेंटर्स में शामिल हो गया है जो रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन के उपचार में RDN प्रक्रिया कर रहे हैं।
नई तकनीक की यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है जब 2025 के नवीनतम मेटा-एनालिसिस में स्पष्ट किया गया है कि भारत में 27% वयस्क उच्च रक्तचाप से प्रभावित हैं। वहीं NFHS-5 के विश्लेषण के अनुसार आधे से अधिक पुरुष और एक-तिहाई से ज़्यादा महिलाएँ दवाओं के बावजूद अपनी हाइपरटेंशन की समस्या को नियंत्रित नहीं कर पातीं।
डॉ. अमित खंडेलवाल की अगुवाई में सफल RDN प्रक्रिया
इस पहली RDN प्रक्रिया को कार्डियोलॉजी विभाग के डायरेक्टर एवं HOD डॉ. अमित खंडेलवाल ने लीड किया। उनके साथ डॉ. नितिन कौशिक (कार्डियक इंटेंसिविस्ट) और डॉ. जयेश खंडेलवाल (कंसल्टेंट—नॉन-इनवेसिव कार्डियोलॉजी) की टीम शामिल रही।
RDN प्रक्रिया में कैथेटर की मदद से रीनल आर्टरीज के आसपास मौजूद अतिसक्रिय सिम्पैथेटिक नर्व्स को रेडियोफ्रीक्वेंसी ऊर्जा से शांत किया जाता है। यही नर्व्स लगातार उच्च रक्तचाप का कारण बनती हैं। इनके सक्रिय संकेतों को ब्लॉक करने से ब्लड प्रेशर स्वाभाविक रूप से घटने लगता है।
प्रक्रिया की विशेषताएँ:
- समय: 45–60 मिनट
- एनेस्थीसिया: लोकल
- रिकवरी: अधिकांश मरीज उसी दिन या अगले दिन डिस्चार्ज
“RDN रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन के लिए साइंटिफिक ब्रेकथ्रू” – डॉ. खंडेलवाल
डॉ. अमित खंडेलवाल ने कहा:
“हम ऐसे मरीज लगातार देख रहे हैं जिनका ब्लड प्रेशर तीन या उससे अधिक दवाओं के बावजूद भी नियंत्रित नहीं होता। यह समस्या अनुशासन की कमी नहीं, बल्कि शरीर में मौजूद रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन की बायोलॉजिकल प्रकृति है। RDN सीधे इसी अतिसक्रिय नर्व रिस्पॉन्स को टारगेट करता है, जहां दवाएँ अक्सर असर नहीं दिखा पातीं।”
उन्होंने कहा कि यह सुविधा शुरू होने से ऐसे मरीजों के लिए नया रास्ता खुला है जिनके पास पहले सीमित विकल्प ही थे।
“अब इस हाई-एंड तकनीक के लिए बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं’’ – डॉ. प्रसून कुमार
पारस उदयपुर के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. प्रसून कुमार ने बताया:
“यह तकनीक दक्षिण राजस्थान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। अब मरीजों को एडवांस्ड ब्लड प्रेशर ट्रीटमेंट के लिए मेट्रो शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। हमारा क्लिनिकल सेटअप, टीम और प्रोटोकॉल अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरते हैं।”
किन मरीजों को RDN की आवश्यकता होती है?
यह प्रक्रिया उन वयस्कों को दी जाती है—
- जिन्हें रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन है,
- जिन पर कम से कम तीन दवाओं (जिसमें एक डाइयूरेटिक शामिल हो) का असर नहीं हो रहा,
- और जिनकी जांच में किडनी फंक्शन व रीनल आर्टरी एнатॉमी प्रक्रिया के लिए उपयुक्त पाई जाती है।
उदयपुर में कार्डियक उपचार का नया स्तर
RDN उपलब्ध होने के साथ पारस हेल्थ उदयपुर अब उन्नत कार्डियक तकनीकों और साक्ष्य-आधारित उपचारों के साथ अपनी सेवाओं को और मजबूत कर चुका है। अस्पताल की कार्डियोलॉजी टीम जटिल हृदय रोगों के लिए संपूर्ण इंटरवेंशनल व डायग्नोस्टिक सुविधा प्रदान करती है।

