Site icon 24 News Update

ICU मरीजों के लिए पारस हेल्थ में एडवांस्ड डायलिसिस थेरेपी शुरू, CRRT सिस्टम लॉन्च, गंभीर मरीजों को मिलेगा सुरक्षित और लगातार उपचार

Advertisements

24 News Update उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर में स्थित पारस हेल्थ उदयपुर ने गंभीर रूप से बीमार किडनी मरीजों के इलाज को और मजबूत करते हुए एडवांस्ड कंटीन्यूअस रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी (CRRT) सिस्टम शुरू किया है। विश्व किडनी दिवस के अवसर पर लॉन्च की गई यह आधुनिक तकनीक आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों के लिए सुरक्षित डायलिसिस सुविधा प्रदान करेगी।
अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के कंसल्टेंट डॉ. आशुतोष सोनी के नेतृत्व में नेफ्रोलॉजी और क्रिटिकल केयर टीम इस नई थेरेपी को संचालित करेगी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह प्रणाली विशेष रूप से उन मरीजों के लिए उपयोगी है जिन्हें किडनी की गंभीर समस्या के कारण लगातार निगरानी और उपचार की आवश्यकता होती है। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉक्टर अशोक आदित्य की भी मौजूदी रही जिन्होंने खान—पान में बदलाव व आधुनिक जीवन शैली को बढ़ती बीमारियों का कारण बताया।

24 घंटे चलता है उपचार
डॉ. आशुतोष सोनी ने बताया कि कंटीन्यूअस रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी (CRRT) डायलिसिस का एक उन्नत रूप है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से आईसीयू में भर्ती अत्यंत गंभीर मरीजों के लिए किया जाता है। सामान्य डायलिसिस कुछ घंटों में पूरा हो जाता है, जबकि यह थेरेपी 24 घंटे तक लगातार चलती है। इससे खून में मौजूद विषाक्त पदार्थ और अतिरिक्त तरल पदार्थ धीरे-धीरे शरीर से बाहर निकलते रहते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर स्थिर बना रहता है और मरीज की स्थिति नियंत्रित रहती है।

भारत में बढ़ रही किडनी रोग की चुनौती
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में किडनी रोग एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। अनुमान है कि लगभग 14 प्रतिशत आबादी क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) से प्रभावित है और देश में करीब 13.8 करोड़ से अधिक वयस्क इस बीमारी से जूझ रहे हैं। जागरूकता की कमी और शुरुआती जांच नहीं होने के कारण कई मामलों का पता बीमारी के उन्नत चरण में ही चल पाता है। डॉ. आशुतोष सोनी ने बताया कि अक्सर मरीज अस्पताल तब पहुंचते हैं जब किडनी काफी हद तक क्षतिग्रस्त हो चुकी होती है। नियमित स्वास्थ्य जांच, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने तथा समय पर किडनी की जांच से जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

अस्थिर ब्लड प्रेशर वाले मरीजों के लिए सुरक्षित
अस्पताल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. प्रसून कुमार ने बताया कि गंभीर रूप से बीमार मरीज, विशेषकर एक्यूट किडनी इंजरी से पीड़ित लोग कई बार पारंपरिक डायलिसिस नहीं झेल पाते क्योंकि उनका ब्लड प्रेशर अस्थिर होता है। CRRT के जरिए लंबे समय में धीरे-धीरे विषाक्त पदार्थ और अतिरिक्त तरल पदार्थ निकाले जाते हैं, जिससे आईसीयू में मरीजों का उपचार अधिक सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से किया जा सकता है।

गंभीर बीमारियों में मिलती है राहत
यह थेरेपी गंभीर संक्रमण, अंग विफलता या बड़ी सर्जरी के बाद उत्पन्न जटिल स्थितियों में भी मददगार साबित होती है। इससे शरीर में फ्लूइड बैलेंस बनाए रखने और अन्य अंगों पर दबाव कम करने में सहायता मिलती है, जिससे मरीज की रिकवरी बेहतर हो सकती है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इस नई सुविधा के साथ पारस हेल्थ उदयपुर क्षेत्र में एडवांस्ड नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी और क्रिटिकल केयर सेवाओं को और मजबूत कर रहा है, ताकि उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को जरूरत के समय विशेषज्ञ किडनी उपचार स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सके।

Exit mobile version