24 News Update जयपुर। जयपुर में प्रताप नगर सेक्टर-8 व्यापार मंडल की ओर से एमराल्ड गार्डन में रावण की तीये की बैठक आयोजित की गई। इस अनोखे आयोजन में दशहरा मेला समिति प्रताप नगर और सेक्टर-8 व्यापार मंडल के सदस्य शामिल हुए। बैठक के बाद अब रावण की अस्थियों का विसर्जन और पगड़ी रस्म आयोजित की जाएगी।
प्रताप नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र पटेल ने बताया कि यह परंपरा भारत ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर अपनी अनोखी मान्यता रखती है। रावण दहन के बाद सभी क्रियाएं – दाह संस्कार, अस्थि विसर्जन, तीये की बैठक और ब्रह्मभोज – हर साल समिति की ओर से विधिपूर्वक निभाई जाती हैं।
तीये की बैठक के दौरान व्यापार मंडल के सदस्य मौजूद रहे और रावण की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। राजेंद्र पटेल ने बताया कि बैठक के बाद राख का दल पहले अयोध्या में रामलला के दर्शन करेगा और फिर नेपाल के काठमांडू स्थित बागमती नदी में अस्थियों का विसर्जन करेगा। इस दौरान रावण के मोक्ष की प्रार्थना की जाएगी, ताकि समाज में बुराइयों का नाश हो सके।
प्रताप नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष ने कहा, “जैसे किसी व्यक्ति के दाह संस्कार के बाद अस्थि विसर्जन जरूरी होता है, वैसे ही रावण दहन की राख को पवित्र नदियों में विसर्जित करना चाहिए। आम तौर पर लोग राख सड़क या कचरे में छोड़ देते हैं, लेकिन हमारी परंपरा में इसे हर साल विधिपूर्वक किया जाता है।” इस वर्ष 2 अक्टूबर को विजयादशमी पर रावण दहन किया गया था। 4 अक्टूबर को सुबह 9 से 10 बजे के बीच हुई तीये की बैठक में प्रतापनगर के जनप्रतिनिधि, व्यापार मंडल सदस्य और नागरिक मौजूद रहे। बैठक के बाद 7 लोगों का दल राख लेकर अयोध्या दर्शन और नेपाल के विसर्जन के लिए रवाना हुआ। दल में रामस्वरूप यादव, ओमप्रकाश शर्मा, राधा गोविंद अग्रवाल, लोकेश सैन, राजेश जैन, राजेंद्र सोनी और गणेश नारायण सहित अन्य शामिल थे। राजेंद्र पटेल ने बताया कि नेपाल में विसर्जन के बाद 13 अक्टूबर को प्रतापनगर में पगड़ी दस्तूर और ब्रह्मभोज आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रतापनगर-सांगानेर क्षेत्र के नागरिक एकत्र होंगे और राजेश जैन को पगड़ी पहनाई जाएगी। ब्रह्मभोज में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।
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