24 News Update जयपुर। शहर के ब्रह्मपुरी इलाके में शुक्रवार शाम का मंजर किसी डरावने सपने से कम नहीं था। तेज अंधड़ और बारिश ने एक टीन शेड वाले घर को पलभर में मलबे में बदल दिया था। मलबे के नीचे दबी कराहती व मदद को पुकारती एक महिला… ऊपर बिखरे टीन के टुकड़े… और चारों तरफ फैले टूटे बिजली के तार, जिनमें दौड़ रहा था करंट। हर सेकंड खतरा बढ़ रहा था, हर पल मौत करीब आ रही थी। बिजली के खुले तारों को देखकर कोई भी शख्स महिला को निकालने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।लेकिन तभी मिली सूचना पर बिजली की गति से वहां पहुंचे दो चेहरे—हेड कांस्टेबल भागीरथ और चालक हंसराज—जो उस दिन सिर्फ पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि जिंदगी की आखिरी उम्मीद और देवदूत बनकर आए।हालात ऐसे थे जहां एक कदम आगे बढ़ाना भी जान जोखिम में डालने जैसा था। मगर इन दोनों ने न हालात देखे, न खतरा… बस देखा तो एक जिंदगी, जो मदद को पुकार रही थी।करंट से भरे तारों के बीच, मलबे को हटाते हुए, हर पल खतरे से जूझते हुए उन्होंने उस महिला तक पहुंच बनाई। पसीने, डर और जोखिम के बीच आखिरकार उन्होंने उसे बाहर खींच लिया—जैसे मौत के मुंह से जिंदगी छीन ली हो। इसके बाद बिना समय गंवाए महिला को तुरंत एसएमएस हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां अब वह सुरक्षित है। यह सिर्फ एक रेस्क्यू नहीं था… यह उस जज्बे की कहानी थी, जहां वर्दी सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इंसानियत का प्रतीक बन जाती है। जब हर कोई पीछे हट जाता है, तब यही पुलिसकर्मी आगे बढ़ते हैं…और साबित कर देते हैं—“आड़े वक्त में पुलिस सिर्फ कानून नहीं, जिंदगी भी बचाती है।” Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation इंस्पेक्टर गुंजन की असली कमाई ड्यूटी के बीच मनाया अनोखा जन्मदिन…एक समझाइश ने बचाया था रिश्ता, हर साल लौटता है धन्यवाद जोधपुर में सफेद जहर के सिंडिकेट पर काल बनकर टूटी एजीटीएफ; 48 घंटे में दूसरी बड़ी स्ट्राइक, करोड़ों की ड्रग्स बरामद