Rajasthan Investment Festival: Target of 350 billion dollar economy 24 News Update जयपुर, 31 मार्च – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान को देश का सर्वश्रेष्ठ निवेश स्थल बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। निवेश उत्सव में उन्होंने 3 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग कर राज्य की आर्थिक वृद्धि को नई गति देने की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने निवेशकों से आह्वान किया कि वे अपने निवेश, युवा अपनी प्रतिभा और किसान अपनी मेहनत से राजस्थान को विश्वभर में प्रतिष्ठा दिलाने में योगदान दें। निवेश को धरातल पर लाने की प्रभावी रणनीतिमुख्यमंत्री ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान हुए एमओयू को वास्तविकता में बदलने के लिए सरकार ने त्रिस्तरीय निगरानी तंत्र स्थापित किया है। प्रत्येक विभाग और जिले में समर्पित टीम बनाई गई है, जो इन समझौतों की सक्रिय रूप से निगरानी कर रही है ताकि निवेश समयबद्ध रूप से कार्यान्वित हो सके। इसी का परिणाम है कि 3 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग की गई है। डायरेक्ट एलॉटमेंट पॉलिसी और निवेशकों के लिए नई पहलमुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने रीको औद्योगिक क्षेत्रों के लिए डायरेक्ट लैंड एलॉटमेंट पॉलिसी लागू की है। यह उन सभी निवेशकों के लिए लागू होगी जिन्होंने 15 मार्च तक एमओयू निष्पादित किए थे। इस नीति का विस्तार करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 16 मार्च से 30 अप्रैल तक निष्पादित होने वाले सभी नए एमओयू पर भी यह नीति लागू होगी। निवेशकों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से इसका लाभ मिलेगा, जिसे 15 मई से दोबारा खोला जाएगा। औद्योगिक विस्तार और रोजगार सृजनराजस्थान सरकार ने अगले 5 वर्षों में सरकारी क्षेत्र में 4 लाख और निजी क्षेत्र में 6 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उद्योगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डेढ़ लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा, 18 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जाएगी, जो विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुसार डिजाइन किए जाएंगे। राजस्थान के मजबूत औद्योगिक आधार को ध्यान में रखते हुए सरकार नई औद्योगिक नीतियों के माध्यम से राज्य को विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) का पावरहाउस बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। नई औद्योगिक नीतियों का विमोचनमुख्यमंत्री ने ‘राजस्थान लॉजिस्टिक नीति-2025’, ‘राजस्थान डाटा सेंटर नीति-2025’ और ‘राजस्थान वस्त्र एवं परिधान नीति-2025’ का शुभारंभ किया। इन नीतियों का उद्देश्य राज्य में उद्योगों के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार करना और राजस्थान को निवेश का प्रमुख केंद्र बनाना है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने ‘ऑनलाइन इन्वेस्टर इंटरफेस’ मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया। इस ऐप के माध्यम से निवेशक अपनी परियोजनाओं की प्रगति को ट्रैक कर सकेंगे, अपने प्रश्नों के उत्तर प्राप्त कर सकेंगे और संबंधित अधिकारियों से सीधे संपर्क कर सकेंगे। वैश्विक निवेश को बढ़ावाराजस्थान सरकार ने ‘राइजिंग राजस्थान पार्टनरशिप कॉन्क्लेव 2025’ के आयोजन की घोषणा की, जो इस वर्ष 11 और 12 दिसंबर को होगा। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को एक मंच प्रदान करना है, जहां वे राजस्थान में निवेश की संभावनाओं का पता लगा सकें। राजस्थान फाउंडेशन के तहत गुवाहाटी, भुवनेश्वर, रांची, पुणे, दिल्ली, दुबई, म्यूनिख, रियाद, टोक्यो, सिंगापुर, मेलबर्न, नैरोबी, कम्पाला और दोहा में 14 नए चैप्टर्स शुरू किए जाएंगे। इससे प्रवासी राजस्थानियों और वैश्विक निवेशकों को राज्य से जोड़ने में मदद मिलेगी। विकसित भारत 2047 के तहत विकसित राजस्थान का संकल्पमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन के अनुरूप राजस्थान को भी ‘विकसित राजस्थान 2047’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत 2030 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं है, बल्कि यह युवाओं के लिए नए रोजगार, किसानों के लिए समृद्धि और उद्यमियों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलने का संकल्प है। सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation खटीक समाज राष्ट्रीय संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से आकाश बागड़ी का इस्तीफा यात्रीगण कृपया खबर पर ध्यान दें : कटरा से श्रीनगर की यात्रा अब मात्र 3 घंटे में, वंदे भारत से यात्रा होगी आसान