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राजस्थान में गैस उपभोक्ताओं को कंपनियों का अलर्ट संदेश, आय की जानकारी नहीं देने पर बंद हो सकती है सब्सिडी

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24 News Update जयपुर। राजस्थान में घरेलू गैस उपभोक्ताओं को इन दिनों सरकारी तेल कंपनियों की ओर से भेजे जा रहे संदेशों ने हलचल बढ़ा दी है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां उपभोक्ताओं से उनकी वार्षिक आय से जुड़ी जानकारी मांग रही हैं। संदेश में स्पष्ट किया गया है कि तय समय में जवाब नहीं मिलने पर एलपीजी सब्सिडी रोकी जा सकती है।
उपभोक्ताओं को भेजे गए संदेश में पूछा जा रहा है कि क्या परिवार की सालाना आय 10 लाख रुपए से अधिक है। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि जानकारी गलत है या उपभोक्ता को किसी प्रकार की आपत्ति है तो सात दिन के भीतर पोर्टल या टोल फ्री नंबर पर विवरण अपडेट करें। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर सब्सिडी बंद करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
इस अभियान के बाद उज्ज्वला योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गैस कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ गई है। वर्तमान में केंद्र और राज्य सरकार इन्हीं श्रेणियों के पात्र परिवारों को घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी दे रही हैं। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है।
जानकारी के अनुसार तेल कंपनियां अब घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं का डाटाबेस नए सिरे से तैयार कर रही हैं। इसके तहत आयकर विभाग से भी आंकड़े जुटाए जा रहे हैं, ताकि ऐसे परिवारों की पहचान हो सके जिनकी वार्षिक आय निर्धारित सीमा से अधिक है। वर्ष 2015 से लागू नियमों के अनुसार 10 लाख रुपए से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार एलपीजी सब्सिडी के पात्र नहीं माने जाते।
हालांकि अब तक यह व्यवस्था स्वयं घोषणा के आधार पर चल रही थी, लेकिन अब कंपनियां रिकॉर्ड को डिजिटल तरीके से सत्यापित करने में जुट गई हैं। सामान्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को फिलहाल किसी प्रकार की सब्सिडी नहीं दी जा रही है।
राजस्थान में तीनों सरकारी तेल कंपनियों के करीब 1 करोड़ 85 लाख घरेलू गैस उपभोक्ता हैं। इनमें लगभग 74 से 75 लाख उपभोक्ता उज्ज्वला योजना से जुड़े बताए जा रहे हैं। कंपनियों का उद्देश्य केवल सब्सिडी की पात्रता जांचना नहीं, बल्कि पूरे एलपीजी रिकॉर्ड को अद्यतन करना भी है।
इसी प्रक्रिया के तहत उन गैस कनेक्शनों की भी समीक्षा की जा रही है जो अब भी मृत उपभोक्ताओं के नाम पर चल रहे हैं। ऐसे मामलों में परिजनों को संदेश भेजकर 30 दिन के भीतर केवाईसी करवाने और कनेक्शन परिवार के पात्र सदस्य के नाम स्थानांतरित करने के लिए कहा जा रहा है। निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर कनेक्शन बंद किया जा सकता है।

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