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गुवाहाटी में होनी थी राजा की हत्या, योजना फेल होते ही शिलॉन्ग को चुना — सोनम ने तुरंत लिख दी हत्या की नई स्क्रिप्ट

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24 न्यूज अपडेट, नेशनल डेस्क। इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में मेघालय पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक राजा की हत्या की पहली योजना असम के गुवाहाटी में बनाई गई थी। 19 मई को सोनम के प्रेमी राज कुशवाह के कहने पर विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी गुवाहाटी पहुंच गए थे। वहां हत्या के लिए एक छोटी कुल्हाड़ी भी खरीदी गई थी, लेकिन किसी कारण योजना फेल हो गई।

इसके बाद सोनम ने राजा को हनीमून के बहाने शिलॉन्ग चलने के लिए तैयार किया। 21 मई को दोनों शिलॉन्ग पहुंचे और 23 मई को सुनसान जगह पर राजा की हत्या कर दी गई।


🔴 हत्या का मास्टरमाइंड राज, सोनम थी बराबर की साझेदार

मेघालय के एसपी विवेक सैयाम के मुताबिक, इस पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड सोनम का कथित प्रेमी राज कुशवाह है। दोनों ने सोनम की शादी के 11 दिन पहले ही राजा को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया था।

राज और सोनम के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। शादी के बाद दोनों हनीमून के बहाने राजा को गुवाहाटी ले जाने वाले थे और वहीं हत्या की साजिश रची गई थी।


🛑 गुवाहाटी में क्यों फेल हुई योजना?

19 मई को विशाल, आकाश और आनंद गुवाहाटी पहुंचे। वहां एक कुल्हाड़ी खरीदी, लेकिन हालात ऐसे बने कि राजा की हत्या नहीं हो सकी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था और आसपास की गतिविधियों के कारण मामला टालना पड़ा।

इसके बाद सोनम ने राजा को शिलॉन्ग चलने के लिए मनाया। राजा राजी हो गया और 21 मई को दोनों शिलॉन्ग के बालाजी गेस्ट हाउस पहुंचे।


🔪 होमस्टे में किया कत्ल, फिर रची खुद के अगवा होने की कहानी

22 मई को दोनों सोहरा (चेरापूंजी) चले गए। अगले दिन सुनसान जगह और होमस्टे में विशाल, आकाश और आनंद ने सोनम की मदद से राजा की हत्या कर दी। हत्या के बाद सोनम ने खुद को पीड़ित साबित करने की योजना बनाई।

सोनम का प्लान था कि वह सिलीगुड़ी भाग जाए और वहां खुद को अगवा बताया जाए। इसके लिए इंदौर में किराए का कमरा भी पहले से तय था, जहां वो हत्या के बाद रुकी रही।

7 जून को पुलिस का दबाव बढ़ा और सोनम को खबर मिली कि आकाश पकड़ा गया है। इसके बाद वह इंदौर छोड़कर गाजीपुर के एक ढाबे पर जा छुपी।


📱 सोशल मीडिया से मिल रही थी तलाश अभियान की जानकारी

2 जून को जब राजा की लाश मिली, तब भी सोनम इंदौर में ही थी। वह सोशल मीडिया और न्यूज अपडेट्स से पुलिस सर्च ऑपरेशन की खबरें देख रही थी। सोनम के भाई गोविंद के शक और पुलिस दबाव के बाद सोनम ने फिर सिलीगुड़ी भागने की योजना बनाई ताकि परिवार और पुलिस को लगे कि उसे भी आरोपी उठा ले गए।


कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की थ्योरी गलत

पुलिस ने साफ किया है कि यह कॉन्ट्रैक्ट किलिंग नहीं थी। विशाल, आनंद और आकाश सभी राज के दोस्त थे और उसे सोनम से मिलाने के लिए हत्या को अंजाम देने के लिए तैयार हुए। सोनम ने इन्हें 15,000 रुपये खर्च के लिए दिए थे, कोई सुपारी नहीं दी गई थी।


अब तक की जांच में मिले अहम बिंदु

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