अहमदाबाद। रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को अहमदाबाद रेलवे स्टेशन का दौरा किया और यहां चल रही स्टेशन पुनर्विकास परियोजना तथा हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। मंत्री वैष्णव ने निरीक्षण के दौरान बताया कि यात्रियों की सुविधाओं और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए देशभर में 1300 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर पुनर्विकास कार्य चल रहे हैं, जिनमें अहमदाबाद स्टेशन एक प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद स्टेशन पर 16 मंज़िला आधुनिक भवन का निर्माण किया जा रहा है, जो शहर के दोनों छोर—कालूपुर और सरसपुर साइड—को जोड़ते हुए यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। रेल मंत्री ने बताया कि सरसपुर साइड पर बुलेट ट्रेन परियोजना का कार्य तेजी से चल रहा है और अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल स्टेशन लगभग पूर्णता की ओर है। इसे अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के साथ इंटीग्रेटेड (एकीकृत) रूप में विकसित किया जा रहा है। सरसपुर साइड स्थित मेट्रो स्टेशन का कार्य पूर्ण हो चुका है और इसे यात्रियों के लिए खोला जा चुका है। उन्होंने बताया कि अहमदाबाद स्टेशन को तीन अतिरिक्त प्लेटफॉर्म मिलेंगे, जिससे स्टेशन की ट्रेनों की परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी। सभी प्लेटफॉर्म कॉनकोर्स रूफ प्लाज़ा से कवर किए जाएंगे, जबकि स्टेशन पर एलीवेटेड रोड का कार्य भी तीव्र गति से जारी है। यह रोड स्टेशन के दोनों छोरों—कालूपुर और सरसपुर साइड—को जोड़ते हुए कॉनकोर्स, एलीवेटेड रोड और फूटओवर ब्रिज के माध्यम से सुगम यातायात सुनिश्चित करेगा। मंत्री वैष्णव ने बताया कि पिछले निरीक्षण के समय परियोजना में बेसमेंट का कार्य चल रहा था, जबकि अब दो अंडरग्राउंड बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा चौथी मंज़िल तक का स्ट्रक्चर फ्रेम तैयार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख 20 स्टेशनों—जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और अहमदाबाद—से नई ट्रेनों की अधिक मांग आती है। गुजरात में अहमदाबाद और सूरत से यात्रियों की मांग सबसे अधिक है। इस बढ़ती मांग को देखते हुए अहमदाबाद के वटवा में एक मेगा टर्मिनल विकसित किया जाएगा, जिसमें 10 पिट लाइनों का निर्माण होगा। इससे लगभग 45 अतिरिक्त ट्रेनों की क्षमता बढ़ेगी और कुल 150 ट्रेनों का संचालन संभव हो पाएगा। रेल मंत्री ने बताया कि अहमदाबाद स्टेशन का पुनर्विकास विरासत स्मारकों और आधुनिक शहरी केंद्र को एकीकृत करने की अवधारणा पर आधारित है। यह परियोजना एक विश्वस्तरीय मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) के रूप में विकसित होगी, जिसमें पर्याप्त पार्किंग, कालूपुर आरओबी और सारंगपुर आरओबी को जोड़ने वाला एलिवेटेड रोड नेटवर्क, लैंडस्केप्ड प्लाज़ा, कॉनकोर्स एरिया तथा उन्नत यात्री सुविधाएं शामिल होंगी। उन्होंने बताया कि स्टेशन का वास्तुशिल्प डिजाइन मोढेरा सूर्य मंदिर से प्रेरित है, जो सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक सौंदर्य का सुंदर संगम प्रस्तुत करेगा। कालूपुर साइड स्थित आइकॉनिक एमएमटीएच टॉवर अहमदाबाद के शहरी परिदृश्य का नया प्रतीक बनेगा। साथ ही, एएसआई संरक्षित ‘ईंट मीनार’ और ‘झूलता मीनार’ को भी पुनर्विकास योजना में सम्मिलित किया गया है। यह स्टेशन राष्ट्रीय हाई-स्पीड रेल टर्मिनल, मेट्रो और बीआरटीएस से एलिवेटेड नेटवर्क के माध्यम से निर्बाध रूप से जुड़ा होगा, जिससे मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और शहर में यातायात की सुगमता सुनिश्चित होगी। स्टेशन परिसर में रेल पटरियों के ऊपर 15 एकड़ का कॉनकोर्स प्लाज़ा और 7 एकड़ का मेजेनाइन प्लाज़ा तैयार किया जाएगा, जिसमें यात्रियों के लिए प्रतीक्षा कक्ष, शौचालय, फूड कोर्ट, खुदरा दुकानें जैसी सुविधाएं होंगी। यह पुनर्विकसित स्टेशन ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग पर केंद्रित रहेगा। अहमदाबाद स्टेशन में अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीकें, स्वचालित पार्सल डिपो सिस्टम और दिव्यांगजन-अनुकूल संरचना (लिफ्ट एवं एस्केलेटर सहित) भी सुनिश्चित की गई हैं। अंत में मंत्री वैष्णव ने कहा कि अहमदाबाद रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास न केवल आधुनिक अवसंरचना का प्रतीक बनेगा, बल्कि शहर की सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखते हुए अहमदाबाद को एक प्रमुख वैश्विक महानगर के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव का अहमदाबाद दौरा — स्टेशन पुनर्विकास और बुलेट ट्रेन परियोजना की समीक्षा16 मंज़िला भवन, 3 नए प्लेटफॉर्म, मल्टीमॉडल हब और ग्रीन बिल्डिंग के रूप में आकार ले रहा अहमदाबाद स्टेशन अहमदाबाद। रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को अहमदाबाद रेलवे स्टेशन का दौरा किया और यहां चल रही स्टेशन पुनर्विकास परियोजना तथा हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। मंत्री वैष्णव ने निरीक्षण के दौरान बताया कि यात्रियों की सुविधाओं और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए देशभर में 1300 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर पुनर्विकास कार्य चल रहे हैं, जिनमें अहमदाबाद स्टेशन एक प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद स्टेशन पर 16 मंज़िला आधुनिक भवन का निर्माण किया जा रहा है, जो शहर के दोनों छोर—कालूपुर और सरसपुर साइड—को जोड़ते हुए यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। रेल मंत्री ने बताया कि सरसपुर साइड पर बुलेट ट्रेन परियोजना का कार्य तेजी से चल रहा है और अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल स्टेशन लगभग पूर्णता की ओर है। इसे अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के साथ इंटीग्रेटेड (एकीकृत) रूप में विकसित किया जा रहा है। सरसपुर साइड स्थित मेट्रो स्टेशन का कार्य पूर्ण हो चुका है और इसे यात्रियों के लिए खोला जा चुका है। उन्होंने बताया कि अहमदाबाद स्टेशन को तीन अतिरिक्त प्लेटफॉर्म मिलेंगे, जिससे स्टेशन की ट्रेनों की परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी। सभी प्लेटफॉर्म कॉनकोर्स रूफ प्लाज़ा से कवर किए जाएंगे, जबकि स्टेशन पर एलीवेटेड रोड का कार्य भी तीव्र गति से जारी है। यह रोड स्टेशन के दोनों छोरों—कालूपुर और सरसपुर साइड—को जोड़ते हुए कॉनकोर्स, एलीवेटेड रोड और फूटओवर ब्रिज के माध्यम से सुगम यातायात सुनिश्चित करेगा। मंत्री वैष्णव ने बताया कि पिछले निरीक्षण के समय परियोजना में बेसमेंट का कार्य चल रहा था, जबकि अब दो अंडरग्राउंड बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा चौथी मंज़िल तक का स्ट्रक्चर फ्रेम तैयार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख 20 स्टेशनों—जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और अहमदाबाद—से नई ट्रेनों की अधिक मांग आती है। गुजरात में अहमदाबाद और सूरत से यात्रियों की मांग सबसे अधिक है। इस बढ़ती मांग को देखते हुए अहमदाबाद के वटवा में एक मेगा टर्मिनल विकसित किया जाएगा, जिसमें 10 पिट लाइनों का निर्माण होगा। इससे लगभग 45 अतिरिक्त ट्रेनों की क्षमता बढ़ेगी और कुल 150 ट्रेनों का संचालन संभव हो पाएगा। रेल मंत्री ने बताया कि अहमदाबाद स्टेशन का पुनर्विकास विरासत स्मारकों और आधुनिक शहरी केंद्र को एकीकृत करने की अवधारणा पर आधारित है। यह परियोजना एक विश्वस्तरीय मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) के रूप में विकसित होगी, जिसमें पर्याप्त पार्किंग, कालूपुर आरओबी और सारंगपुर आरओबी को जोड़ने वाला एलिवेटेड रोड नेटवर्क, लैंडस्केप्ड प्लाज़ा, कॉनकोर्स एरिया तथा उन्नत यात्री सुविधाएं शामिल होंगी। उन्होंने बताया कि स्टेशन का वास्तुशिल्प डिजाइन मोढेरा सूर्य मंदिर से प्रेरित है, जो सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक सौंदर्य का सुंदर संगम प्रस्तुत करेगा। कालूपुर साइड स्थित आइकॉनिक एमएमटीएच टॉवर अहमदाबाद के शहरी परिदृश्य का नया प्रतीक बनेगा। साथ ही, एएसआई संरक्षित ‘ईंट मीनार’ और ‘झूलता मीनार’ को भी पुनर्विकास योजना में सम्मिलित किया गया है। यह स्टेशन राष्ट्रीय हाई-स्पीड रेल टर्मिनल, मेट्रो और बीआरटीएस से एलिवेटेड नेटवर्क के माध्यम से निर्बाध रूप से जुड़ा होगा, जिससे मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और शहर में यातायात की सुगमता सुनिश्चित होगी। स्टेशन परिसर में रेल पटरियों के ऊपर 15 एकड़ का कॉनकोर्स प्लाज़ा और 7 एकड़ का मेजेनाइन प्लाज़ा तैयार किया जाएगा, जिसमें यात्रियों के लिए प्रतीक्षा कक्ष, शौचालय, फूड कोर्ट, खुदरा दुकानें जैसी सुविधाएं होंगी। यह पुनर्विकसित स्टेशन ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग पर केंद्रित रहेगा। अहमदाबाद स्टेशन में अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीकें, स्वचालित पार्सल डिपो सिस्टम और दिव्यांगजन-अनुकूल संरचना (लिफ्ट एवं एस्केलेटर सहित) भी सुनिश्चित की गई हैं। अंत में मंत्री वैष्णव ने कहा कि अहमदाबाद रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास न केवल आधुनिक अवसंरचना का प्रतीक बनेगा, बल्कि शहर की सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखते हुए अहमदाबाद को एक प्रमुख वैश्विक महानगर के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... 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