रेल यात्रा वृत्तांत पुरस्कार-2025: अपनी यात्रा को बनाएं यादगार और जीतें शानदार पुरस्कार 24 News update नई दिल्ली: भारतीय रेल अब आपके अनुभवों को एक नई पहचान देने जा रही है। अगर आपने रेल की पटरियों पर सफर करते हुए कुछ ऐसा देखा, महसूस या जिया है जिसे शब्दों में पिरो सकते हैं, तो रेल यात्रा वृत्तांत पुरस्कार-2025 में भाग लेना आपके लिए एक सुनहरा अवसर हो सकता है। यह प्रतियोगिता न सिर्फ आपके अनुभवों को राष्ट्रीय मंच पर लाने का मौका है, बल्कि इसके साथ जुड़ी हैं आकर्षक नकद पुरस्कार राशि भी। रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) द्वारा आयोजित इस वार्षिक प्रतियोगिता में हिंदी भाषा में मौलिक व रोचक यात्रा वृत्तांत आमंत्रित किए जा रहे हैं। अगर आपकी कहानी दिल को छू जाए, तो आप ₹10,000 तक का पुरस्कार अपने नाम कर सकते हैं। पुरस्कारों का वितरण निम्न प्रकार से होगा: प्रथम पुरस्कार: ₹10,000 द्वितीय पुरस्कार: ₹8,000 तृतीय पुरस्कार: ₹6,000 पाँच प्रेरणा पुरस्कार: प्रत्येक ₹4,000 क्या है प्रतियोगिता के नियम? आपके द्वारा भेजा गया वृत्तांत 3000 से 3500 शब्दों के बीच का होना चाहिए। इसे डबल स्पेस में टाइप किया गया हो और हर पृष्ठ पर क्रम संख्या अंकित की गई हो। कुल शब्दों की संख्या अंतिम पृष्ठ पर स्पष्ट रूप से लिखनी अनिवार्य है। इसके अलावा, एक अलग पृष्ठ पर निम्नलिखित विवरण अवश्य दें: पूरा नाम पदनाम (यदि लागू हो) आयु पत्राचार का पता मातृभाषा मोबाइल नंबर ई-मेल पता यदि आप सरकारी सेवा में हैं, तो यह प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा कि आपके विरुद्ध कोई अनुशासनात्मक मामला लंबित नहीं है। वहीं, अन्य प्रतिभागियों को यह घोषित करना होगा कि उनके विरुद्ध कोई अपराध संबंधी मामला विचाराधीन नहीं है। इसके अलावा, सभी को यह घोषणा करनी होगी कि उनकी रचना पूर्णतः मौलिक है और कहीं अन्यथा प्रकाशित या पुरस्कृत नहीं की गई है। कब और कहां भेजें अपनी प्रविष्टि? अपनी यात्रा कथा की दो प्रतियां निम्न पते पर 31 जुलाई, 2025 तक भेजें: सहायक निदेशक, हिंदी (प्रशिक्षण)कमरा नंबर-316, कॉफमो रेल कार्यालय परिसरतिलक ब्रिज, आईटीओ, नई दिल्ली – 110002 क्यों भाग लें? यह प्रतियोगिता केवल एक पुरस्कार पाने का माध्यम नहीं, बल्कि अपनी भावनाओं, अनुभवों और यादों को साझा करने का एक अनूठा मंच है। रेलगाड़ी से जुड़ी हर मुस्कान, हर दृश्य, हर इंसानी रिश्ता — आपके शब्दों से जब ज़िंदा होगा, तब वह महज़ एक कहानी नहीं रह जाएगा, वह एक यात्रा का दस्तावेज़ बन जाएगा। तो तैयार हो जाइए! अपनी रेलयात्रा को शब्दों में पिरोइए, भेजिए, और एक लेखक के रूप में अपनी पहचान बनाइए।क्योंकि हर रेल सफर सिर्फ एक मंज़िल तक नहीं, एक कहानी तक भी ले जाता है। 🚆✍️📜 Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation राजस्थान में 6759 ग्राम पंचायतों के चुनाव पर रोक: पुनर्गठन और परिसीमन प्रक्रिया के चलते जून से पहले नहीं होंगे चुनाव उदयपुर में एक साथ नवकार महामंत्र जाप