Site icon 24 News Update

आय से मात्र 161 % ज्यादा संपत्ति : PHED इंजीनियर अशोक जांगिड़ पर ACB रेड, उदयपुर में खनिज लीज से लेकर मशीनरी तक करोड़ों का निवेश उजागर

Advertisements

24 New update उदयपुर। राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की बहुस्तरीय और राज्यव्यापी कार्रवाई की आंच अब सीधे उदयपुर तक पहुँच चुकी है। जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के अधीक्षण अभियंता (SE) अशोक जांगिड़ के खिलाफ आय से 161 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में रविवार को जयपुर, अजमेर, टोंक, जैसलमेर, कोटपूतली और उदयपुर सहित कुल 19 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। ACB की यह कार्रवाई न केवल जयपुर या बांसवाड़ा बल्कि उदयपुर में भी भ्रष्टाचार के गहराते तंत्र को उजागर करने वाली साबित हुई है। इस मामले से यह भी साफ होता है कि खनिज संपदा वाले जिलों में बेनामी संपत्ति, खनन लीज की अनियमितता और अफसरों की मिलीभगत किस कदर जड़ें जमा चुकी है।

इस कार्रवाई में उदयपुर विशेष रूप से फोकस में रहा, क्योंकि जांगिड़ और उनके बेटे निखिल जांगिड़ द्वारा उदयपुर जिले के विभिन्न हिस्सों में खनिज लीज, खनन उपकरण, भूमि और व्यावसायिक निवेश में कई करोड़ रुपये झोंके जाने के ठोस साक्ष्य एसीबी को मिले हैं।


अशोक जांगिड़ की अवैध संपत्ति का विवरण:


उदयपुर के कौन-कौन से ठिकानों पर हुई कार्रवाई?

  1. जावद क्षेत्र (जिला उदयपुर):
    अशोक जांगिड़ के बेटे निखिल जांगिड़ द्वारा संचालित “यूएन मिनरल्स” नामक खनिज लीज फर्म पर छापा पड़ा। यहाँ से खनन कार्य संचालन, मशीनरी खरीद और लीज दस्तावेज जब्त किए गए।
  2. चांसदा (उदयपुर):
    “यूएन मिनरल्स” फर्म में साझेदार का चांसदा स्थित आवास सर्च में शामिल किया गया। यहाँ से फर्म के वित्तीय लेन-देन और भूमि अधिग्रहण के दस्तावेज मिले हैं।
  3. झाड़ोल के कोच्छला गांव:
    निखिल जांगिड़ के नाम पर एक खनिज लीज के संचालन की पुष्टि हुई। यहाँ पर जमीन, मशीनरी और खनन रिकॉर्ड का सघन परीक्षण किया गया।
  4. खनिज एवं भू-विज्ञान विभाग का जोनल ऑफिस (उदयपुर):
    यहाँ जांगिड़ और उनके परिवार के नाम पर खनिज आवंटन, स्वीकृति और लीज रजिस्ट्रेशन से संबंधित कई दस्तावेज मिले हैं, जिनसे नियमों के उल्लंघन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

ACB ने क्या कहा?

एसीबी अधिकारियों ने बताया कि अशोक जांगिड़ की वेतन और घोषित स्रोतों से 11.5 करोड़ रुपये की आय बनती है, जबकि उनकी संपत्ति और निवेश लगभग 161% अधिक पाए गए हैं। उदयपुर में की गई कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार का जाल सिर्फ जयपुर या बड़े शहरी इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह खनन संपन्न उदयपुर जैसे जिलों में भी गहराई तक फैला हुआ है।


विशेष टीम और सर्च ऑपरेशन की झलक:


Exit mobile version