24 News Update उदयपुर, 14 अगस्त। राजस्थान विद्यापीठ में शुक्रवार को नेतृत्व की नई जिम्मेदारी प्रो. मंजु मांडोत ने संभाल ली। विद्यापीठ के कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर ने कम्प्यूटर एवं आईटी विभाग की निदेशक प्रो. मंजु मांडोत को कार्यवाहक कुलपति मनोनीत किया है। मनोनयन आदेश की प्रति मिलते ही प्रो. मांडोत ने दोपहर 1.15 बजे शुभ मुहूर्त में प्रतापनगर स्थित कुलपति सचिवालय में कार्यवाहक कुलपति का पदभार ग्रहण किया।पदभार संभालने के बाद प्रो. मांडोत ने प्रतापनगर परिसर में स्थापित विद्यापीठ के संस्थापक पं. जनार्दन राय नागर (जनुभाई) की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान उन्होंने संस्थापक के अधूरे सपनों को विद्यापीठ के कार्यकर्ताओं को साथ लेकर पूरा करने का संकल्प व्यक्त किया। 1996 में सहायक आचार्य से शुरू हुआ सफर, अब कुलपति की जिम्मेदारीप्रो. मंजु मांडोत का राजस्थान विद्यापीठ से जुड़ाव करीब तीन दशक पुराना है। उन्होंने अगस्त 1996 में आईटी विभाग में सहायक आचार्य के रूप में विद्यापीठ में अपनी सेवा यात्रा शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने संस्थान में विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्व संभाले और प्रशासनिक एवं शैक्षणिक जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। जुलाई 2012 से वे कम्प्यूटर एवं आईटी विभाग की निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। लंबे समय तक संस्थान के शैक्षणिक और प्रशासनिक तंत्र से जुड़े रहने के बाद अब उन्हें विद्यापीठ के कार्यवाहक कुलपति की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर ने दी बधाईप्रो. मांडोत के पदभार ग्रहण करने पर कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रो. मांडोत के नेतृत्व में राजस्थान विद्यापीठ नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। उनके मनोनयन की सूचना मिलते ही विद्यापीठ के तीनों परिसरों में कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी उन्हें बधाई देने पहुंचे। ‘विद्यापीठ कार्यकर्ताओं की संस्था है’पदभार ग्रहण करने के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रो. मंजु मांडोत ने कहा कि राजस्थान विद्यापीठ कार्यकर्ताओं की संस्था है और इसकी उपलब्धियों के पीछे संस्थान से जुड़े प्रत्येक कार्यकर्ता की प्रतिबद्धता और मेहनत रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व कुलपतियों के कार्यकाल में विद्यापीठ ने राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई है। अब इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सभी को साथ लेकर संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना प्राथमिकता होगी।प्रो. मांडोत ने कहा कि विद्यापीठ ने समाज के हर वर्ग को सम्मान और अवसर देने का काम किया है। संस्थापक पं. जनार्दन राय नागर के सपनों को साकार करने की दिशा में विश्वविद्यालय लगातार आगे बढ़ रहा है और कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता ही विद्यापीठ की सबसे बड़ी ताकत है।उन्होंने कहा कि विद्यापीठ के निष्ठावान और ईमानदार कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयासों से संस्थान सर्वोच्च शिखर तक पहुंचा है। आने वाले समय में भी इसी सामूहिक भावना के साथ विद्यापीठ की शैक्षणिक और संस्थागत पहचान को और मजबूत किया जाएगा। तीनों परिसरों में खुशी, कार्यकर्ताओं ने किया सम्मानपदभार ग्रहण समारोह के दौरान विद्यापीठ के शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रो. मांडोत का उपरणा ओढ़ाकर सम्मान किया और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर प्रो. जीएम मेहता, प्रो. अवनीश नागर, प्रो. सरोज गर्ग, प्रो. बलिदान जैन, प्रो. हेमेन्द्र चौधरी, डॉ. शैलेन्द्र मेहता, डॉ. एसबी नागर, डॉ. गुणबाला आमेटा, प्रो. लालाराम जाट, डॉ. मनीष श्रीमाली, डॉ. दिलीप चौधरी, डॉ. प्रिंस पायस, डॉ. प्रदीप सिंह शक्तावत, डॉ. आशीष नंदवाना, शरद वर्मा, उमराव सिंह राणावत, आशीष डी. नंदवाना, नवीन दीक्षित, चन्द्रेश छतलानी, डॉ. अमित बाहेती और डॉ. भरत सुखवाल मौजूद रहे।कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. प्रकाश धाकड़ सहित आरीफ मोहम्मद, डॉ. दिलीप सिंह चौहान, किशन सिंह राव, रमेश प्रजापत, राजेन्द्र वैष्णव, महेन्द्र मेघवाल, कैलाश, अशोक, शंकर, रामलाल, देवी सिंह, खेमराज माली, गंगाबाई, लक्ष्मी सालवी, सूरजकंवर, हीरा बाई और गोपीबाई सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने प्रो. मांडोत का स्वागत एवं सम्मान किया।प्रो. मंजु मांडोत के सामने अब कार्यवाहक कुलपति के रूप में विद्यापीठ की शैक्षणिक परंपरा, प्रशासनिक व्यवस्था और संस्थापक के मूल उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। करीब तीन दशक से संस्थान से जुड़े उनके अनुभव को देखते हुए विद्यापीठ के कार्यकर्ताओं में उनके नेतृत्व को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation उदयपुर: SP डॉ. अमृता दुहन देश के शीर्ष 100 पुलिस अधिकारियों में शामिल आम सूचना छपवाने के बाद निगम अफसर बोले—राजाओं-महाराजाओं के जमाने के दस्तावेज लाओ तब देंगे पट्टा, लोग बोले—ये क्या मजाक है???