24 News Update उदयपुर। चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में आयोजित पिपिंग समारोह के दौरान अधिकारी कैडेटों ने अपने कठिन परिश्रम से अर्जित सितारे धारण कर भारतीय सेना में एक नए सफर की शुरुआत की। यह सितारा केवल पद का प्रतीक नहीं, बल्कि अनुशासन, साहस और समर्पण से भरे जीवन में आए परिवर्तन और गौरव का भी प्रतीक है।
पासिंग आउट परेड में कुल 345 भारतीय कैडेटों को लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन किया गया, जिनमें 27 महिला कैडेट भी शामिल थीं। इसके अलावा मित्र देशों के 4 कैडेटों ने भी अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। इनमें 21 वर्षीय प्रियवृत सिंह शिवरती ने भी लेफ्टिनेंट के रूप में भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त कर अपने परिवार और मेवाड़ क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया। प्रियवृत मेवाड़ राजवंश के शिवरती घराने से संबंध रखते हैं। उन्होंने अपने परदादा मेजर महाराज उदय सिंह शिवरती के पदचिन्हों पर चलते हुए यह मुकाम हासिल किया। मेजर उदय सिंह शिवरती, पूर्व मेवाड़ महाराणा भगवत सिंह मेवाड़ के सगे काका थे और भारतीय सेना में सेवा दे चुके थे। प्रियवृत की प्रारंभिक शिक्षा डेली कॉलेज, इंदौर से हुई। वे राष्ट्रीय स्तर के राइफल शूटर भी रह चुके हैं और खेल व अनुशासन दोनों क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुके हैं।
प्रियवृत के पिता डॉ. अजात शत्रु सिंह शिवरती इतिहास के प्रोफेसर, भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) से मान्यता प्राप्त क्रिकेट अंपायर तथा पत्रकार भी हैं।
प्रियवृत की इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में हर्ष का माहौल है तथा उन्हें बधाइयों का सिलसिला लगातार जारी है।
मेवाड़ राजवंश के शिवरती घराने के प्रियवृत सिंह शिवरती बने लेफ्टिनेंट

Advertisements
