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फोन चलाने से रोका… किशोरी ने बंद कमरे में जान दे दी, दो दिन बाद अस्पताल में मौत

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24 News Update उदयपुर। उदयपुर के बड़गांव थाना क्षेत्र से एक बेहद मार्मिक और चिंताजनक घटना सामने आई है। मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर हुई मामूली कहासुनी ने एक मासूम जान ले ली। परिवार द्वारा मोबाइल पर कम बात करने की हिदायत दिए जाने के कुछ ही देर बाद एक 15 वर्षीय किशोरी ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। दो दिनों तक अस्पताल में चला उपचार भी उसकी जिंदगी नहीं बचा सका और सोमवार देर रात उसने दम तोड़ दिया।

फोन पर बात करते हुए टोकने के बाद बंद किया कमरा
पुलिस के अनुसार वेलागढ़ निवासी लक्ष्मी गमेती (15) 23 नवंबर की रात घर पर मौजूद थी। वह मोबाइल पर बातचीत कर रही थी, जबकि उसके माता-पिता घर के आंगन में खाना खा रहे थे। जब पिता और मां ने उसे कम फोन करने की बात कही, तो वह नाराज़ होकर सीधे कमरे में चली गई और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।

कुछ देर तक कोई आवाज़ न आने पर परिजन ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। बेचैनी बढ़ी तो पिता ने रोशनदान से झांककर देखा—लक्ष्मी फंदा लगाने की तैयारी कर रही थी। माता-पिता ने उसे मनाने की कोशिश की, रुकने के लिए कहा, लेकिन वह टस से मस नहीं हुई।

खिड़की तोड़कर अंदर पहुंचे, तब तक देर हो चुकी थी
स्थिति बिगड़ती देख पिता ने खिड़की तोड़कर कमरे में प्रवेश किया, लेकिन तब तक किशोरी फंदे पर झूल चुकी थी। परिवारजन तुरंत उसे अचेत अवस्था में एमबी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया, मगर दो दिन बीत जाने के बाद भी लक्ष्मी को होश नहीं आया। अंततः सोमवार रात लगभग 2 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया।

पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद बड़गांव थाना पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक पड़ताल में पता चलता है कि परिवार की मामूली डांट ने किशोरी को भावनात्मक रूप से इतना प्रभावित किया कि उसने यह अत्यंत खतरनाक कदम उठा लिया।

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