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प्रतापगढ़ पुलिस का तस्कर पर 2.50 करोड़ का आर्थिक प्रहार, जमशेद खान उर्फ सेठ लाला की संपत्ति फ्रीज

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24 News Update प्रतापगढ़/जयपुर। मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत प्रतापगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कुख्यात तस्कर की अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति को फ्रीज कर दिया है। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F(1) के तहत की गई, जिसमें करीब 2 करोड़ 50 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति को जब्त (फ्रीज) करने की प्रक्रिया अमल में लाई गई।
जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में थाना अरनोद पुलिस ने आरोपी जमशेद खान उर्फ सेठ लाला (निवासी देवल्दी) के खिलाफ विस्तृत आर्थिक जांच की। जांच में सामने आया कि आरोपी ने मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित काली कमाई से अपने गांव में आलीशान मकान खड़ा किया, जिसकी बाजार कीमत लगभग 2.50 करोड़ रुपये आंकी गई है।

मध्यप्रदेश में हुई कार्रवाई से खुला नेटवर्क
मामले की कड़ियां 30 मार्च 2026 को मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के पिपलोदा थाना क्षेत्र से जुड़ी हैं, जहां पुलिस ने बोरखेड़ा स्थित एक पोल्ट्री फार्म पर दबिश देकर 200 ग्राम एमडी ड्रग्स, 900 ग्राम केमिकल पाउडर, 140.48 किलोग्राम केमिकल युक्त केन, 35.600 किलोग्राम एचसीएल केमिकल तथा ड्रग्स निर्माण में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए थे। इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें जमशेद खान भी शामिल था।

कोई वैध आय नहीं, फिर भी करोड़ों की संपत्ति
प्रतापगढ़ पुलिस को बाद में गोपनीय सूचना मिली कि जमशेद खान ने तस्करी से बड़ी अवैध संपत्ति अर्जित की है। एसपी बी. आदित्य के मार्गदर्शन में गठित टीम ने आरोपी की चल-अचल संपत्तियों का सत्यापन किया। जांच में स्पष्ट हुआ कि आरोपी के पास कोई वैध आय का स्रोत या पैतृक कृषि भूमि नहीं है, इसके बावजूद उसने कम समय में करोड़ों की संपत्ति बना ली।

कई राज्यों में दर्ज हैं मामले
पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से एमडी, ब्राउन शुगर और डोडा चूरा जैसे मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय रहा है। उसके खिलाफ राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश में एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में कुल 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें कई में वह वांछित भी रहा है।

दिल्ली से मिली मंजूरी, संपत्ति पर लगा फ्रीजिंग बोर्ड
थानाधिकारी शिवलाल मीणा द्वारा तैयार फ्रीजिंग प्रस्ताव को भारत सरकार की अधिकृत कंपिटेंट अथॉरिटी (SAFEMA/NDPS), नई दिल्ली को भेजा गया था, जिसे स्वीकृति मिलने के बाद संपत्ति फ्रीज करने का आदेश जारी किया गया। इसके बाद पुलिस ने संबंधित संपत्ति पर फ्रीजिंग बोर्ड लगा दिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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