उदयपुर, 3 अगस्त। मूल खातेदार की जगह डमी व्यक्ति खड़ा कर फर्जी मुख्तारनामा (पावर ऑफ अटॉर्नी) और कूटरचित विक्रय विलेख के जरिए कृषि भूमि हड़पने वाले गिरोह के खिलाफ सविना थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) उमेश ओझा एवं नगर पूर्व वृत्ताधिकारी छवि शर्मा के सुपरविजन में सविना थानाधिकारी दलबीर सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की सहायता से कार्रवाई को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपियों में मनीष पुत्र कांतिभाई (27) निवासी वन्टा रोड टुवर्ड्स रिवर, वाणीयावास, थाना पिथापुर, जिला गांधीनगर (गुजरात), नरेन्द्र पुत्र कांतिलाल (51) निवासी आर.के. पुरम, केसर विहार, पिकॉक हिल के सामने, तीतरड़ी, थाना सविना, उदयपुर, चन्द्रशेखर पुत्र गेहरीलाल (35) निवासी हर्ष नगर, रामपुरा के पास, थाना अम्बामाता, उदयपुर तथा सिकन्दर पुत्र नरसिंह (23) निवासी परमारवाड़ा, पोस्ट डेरी, थाना पहाड़ा, उदयपुर शामिल हैं। इनमें नरेन्द्र कथित रूप से पावर ऑफ अटॉर्नी का लाभार्थी रहा, जबकि चन्द्रशेखर और सिकन्दर फर्जी मुख्तारनामे एवं विक्रय विलेख के गवाह बने थे। 75 वर्षीय खातेदार की जमीन पर रची गई साजिश पुलिस के अनुसार राजसमंद जिले के रेलमगरा क्षेत्र स्थित दरीबा माइंस, महेंदुरिया साइड निवासी मीठालाल वैष्णव (75) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि गिर्वा तहसील के राजस्व ग्राम डाकन कोटड़ा (कृष्णा कॉम्प्लेक्स) स्थित उनकी दो कृषि भूमि पर भू-माफियाओं ने धोखाधड़ी कर कब्जा कर लिया। अनुसंधान में सामने आया कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से असली खातेदार मीठालाल वैष्णव के स्थान पर एक फर्जी व्यक्ति को तैयार किया और उसे पंजीयन कार्यालय ले जाकर 26 जून 2024 को कूटरचित मुख्तारनामा (पावर ऑफ अटॉर्नी) पंजीबद्ध करा लिया। इस फर्जी दस्तावेज के गवाह सिकन्दर परमार और हेमंत सोनी बने। इसके बाद इसी फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर 1 जुलाई 2024 को विक्रय विलेख तैयार किया गया। इस दस्तावेज में सिकन्दर परमार और सौरभ अजमेरा को गवाह बनाया गया तथा पूरी जमीन का नामांतरण मीना खमेसरा के नाम करवा दिया गया। डमी खातेदारों के सहारे पूरा खेल पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले से योजना बनाकर राम्या रिसोर्ट के पास स्थित संयुक्त कृषि भूमि के मूल खातेदारों की जगह अलग-अलग डमी व्यक्तियों को खड़ा किया। प्रत्येक खातेदार के नाम से अलग-अलग फर्जी मुख्तारनामे तैयार करवाए गए और बाद में उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर जमीन का सौदा कर दिया गया। पुलिस के अनुसार यह संगठित तरीके से अंजाम दिया गया भूमि हड़पने का मामला है, जिसमें अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। पहले से भी दर्ज हैं कई मुकदमे इस विवादित भूमि को लेकर पहले भी सविना थाने में प्रकरण संख्या 324/2025 तथा बड़गांव थाने में प्रकरण संख्या 141/2025 दर्ज हैं। जिला पुलिस अधीक्षक के आदेश पर इन सभी मामलों का समानांतर अनुसंधान सविना थाना पुलिस कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। दो आरोपी जेल भेजे, दो पुलिस रिमांड पर पीड़ित की शिकायत पर सविना थाना प्रकरण संख्या 369/2025 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 318(4), 338, 336, 336(2), 336(3), 340(2) एवं 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। अनुसंधान के बाद सिकन्दर और चन्द्रशेखर को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है, जबकि नरेन्द्र और मनीष पुलिस रिमांड पर हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर फर्जी दस्तावेज तैयार कराने वाले, पंजीयन प्रक्रिया में शामिल अन्य व्यक्तियों, जमीन खरीदने वालों तथा इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पहले भी दर्ज हैं धोखाधड़ी के प्रकरण पुलिस के अनुसार गिरफ्तार सभी आरोपियों के विरुद्ध पूर्व में भी धोखाधड़ी से जुड़े प्रकरण दर्ज हैं, जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन हैं। जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि इसी तर्ज पर अन्य जमीनों के सौदों में भी इन आरोपियों की भूमिका रही है या नहीं। कार्रवाई करने वाली टीम पूरी कार्रवाई सविना थानाधिकारी दलबीर सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने की। टीम में हेड कांस्टेबल विक्रम सिंह (1959), कांस्टेबल राजेन्द्र प्रसाद (1038), कांस्टेबल मांगीलाल (1096) तथा कांस्टेबल जिग्नेश (257) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सावन के प्रथम सोमवार पर रुद्राभिषेक में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ अंगदान जीवन संजीवनी अभियान कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट कार्य हेतू राकेश राठोड़ को सम्मानित किया गया