24 News Update उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर में भारतीय सांस्कृतिक धरोहर की सुरीली गूँज और पदचापों की थाप के साथ दो दिवसीय ‘छठे शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत महोत्सव’ का भव्य आगाज़ हुआ। कथक आश्रम उदयपुर और ऑल इंडिया डांसर्स एसोसिएशन (आइडा) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महाकुंभ का शुभारंभ रविवार को सेक्टर 4 स्थित अटल सभागार में हुआ। कार्यक्रम के दौरान शास्त्रीय नृत्य के नवरसों के जीवंत समागम ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।महोत्सव का आधिकारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि पूर्व राजपरिवार सदस्य निवृत्ति कुमारी मेवाड़, विधायक ताराचंद जैन, जगदीश राज श्रीमाली, दीपेश हेमनानी, मुकेश माधवानी, तारिका भानु प्रताप एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने नटराज की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि निवृत्ति कुमारी मेवाड़ ने नृत्य को जीवन का आधार बताया। उन्होंने कहा, “नृत्य केवल शारीरिक संचालन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, तपस्या और आराधना का संगम है। चाहे सुख हो या दुख, मिलन हो या बिछोह, नृत्य अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है। आज भारतीय शास्त्रीय कलाओं के दम पर हमारे बच्चे विदेशों तक अपनी अमिट छाप छोड़ रहे हैं, जो गर्व का विषय है।” उन्होंने कला के प्रति जुड़ाव का जिक्र करते हुए बताया कि उनकी बेटियां भी ओडिसी नृत्य के माध्यम से इस परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं।महोत्सव के तकनीकी पक्ष की जानकारी देते हुए आइडा निदेशक रितेश बाबू ने बताया कि पहले दिन की शाम प्रस्तुतियों के नाम रही, जिसमें शरण्या बिष्ट के कथक ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। इसके साथ ही दिल्ली के विनय तिवारी और बिलासपुर की सुमि अजय ने भरतनाट्यम की उत्कृष्ट प्रस्तुतियां दीं।कलाकारों के प्रोत्साहन हेतु उदयपुर के प्राचीन नाम पर आधारित ‘ताँबावती नगरी सम्मान’ की भी शुरुआत की गई। पहले दिन भिलाई की झांसी भारद्वाज, बिलासपुर की वारिजा विजय राय, देवांशी गौर और हैदराबाद की अद्युति कॉन्केपूड़ी को इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया। वहीं, मध्य प्रदेश के ‘ताल तरंग कला केंद्र’ को ‘बेस्ट इंस्टिट्यूट ऑफ द डे’ चुना गया।कथक आश्रम की निदेशक चंद्रकला चौधरी ने बताया कि इस महोत्सव में केरल, चेन्नई, बेंगलुरु, कोलकाता और दिल्ली सहित 22 राज्यों के 400 से अधिक कलाकार भाग ले रहे हैं। पहले दिन आयोजित प्रतियोगिता में 220 प्रतिभागियों ने 80 प्रस्तुतियां दीं, जिनमें श्रृंगार, हास्य, करुण, रौद्र, वीर, भयानक, बीभत्स, अद्भुत और शांत रसों का अनूठा मिश्रण देखने को मिला। कार्यक्रम में सचिव चंद्रगुप्त सिंह चौहान सहित कला जगत की कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation 28 व्यक्ति शांति भंग में गिरफ्तार, 24 बाहरी राज्य के सी.ओ. स्काउट श्री सोनी ने ग्रहण किया कार्यभार