24 News Update उदयपुर। राजस्थान सरकार की पंच गौरव योजना के तहत “एक जिला, एक खेल” पहल के अंतर्गत महाराणा प्रताप खेलगांव स्थित तरणताल में चल रहे आवासीय तैराकी प्रशिक्षण शिविर में सोमवार को खेल, संस्कार और सामाजिक सरोकारों का अनूठा संगम देखने को मिला। जिला कलक्टर नमित मेहता और उदयपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त राहुल जैन के निर्देशन में आयोजित इस 15 दिवसीय शिविर में प्रतिभागी तैराकों को सुबह के सत्र में खेल गतिविधियों, योग और तैराकी की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया गया।
जिला खेल अधिकारी डॉ. महेश पालीवाल ने बताया कि शिविर का उद्देश्य खिलाड़ियों को तकनीकी दक्षता के साथ-साथ मानसिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। इसी क्रम में आयोजित विशेष सत्र में मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चेतना भाटी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए खेलों को जीवन निर्माण का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि खेल व्यक्ति को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करते हैं, जो एक सुदृढ़ समाज की नींव है।
अपने संबोधन में चेतना भाटी ने युवाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने, महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने तथा बालक-बालिकाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। उन्होंने तनाव प्रबंधन पर विशेष बल देते हुए कहा कि जीवन में किसी भी परिस्थिति में निराश होकर गलत कदम उठाने के बजाय संवाद और सकारात्मक सोच के माध्यम से समाधान तलाशना चाहिए।
चैत्र नवरात्रि के अवसर पर शिविर में नारी शक्ति का विशेष सम्मान भी किया गया। इस दौरान योग प्रशिक्षिका रीना पुरोहित, बास्केटबॉल प्रशिक्षक उषा आचरज, हॉकी प्रशिक्षक कनिष्का चौहान, पारूल भटनागर एवं रीतु पालीवाल को सम्मानित किया गया। यह सम्मान महिला सशक्तिकरण और खेलों में उनके योगदान को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।
शिविर में योग प्रशिक्षक जनक चौबीसा ने खिलाड़ियों को योग और खेल के पारस्परिक संबंधों पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं तकनीकी सत्र में प्रतिभागियों को बटरफ्लाई स्ट्रोक की उन्नत तकनीकों—आर्म एक्शन, लेग किकिंग और श्वसन समन्वय—का गहन अभ्यास कराया गया। इस दौरान प्रशिक्षक रणवीर सिंह राणावत, सुनील कुमावत, अनिल कुमावत, धर्मवीर सिंह राणावत, नेहा कुमावत, दिलीप पुरोहित, संदीप सोनी और राजेश चौहान के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में चेतना भाटी ने शिविर की व्यवस्थाओं और प्रशिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर युवाओं को खेलों में दक्ष बनाने के साथ-साथ उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित करते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर निरंतर अभ्यास करने और जीवन में उच्च आदर्श स्थापित करने का संदेश दिया।
पंच गौरव प्रशिक्षण शिविर में नारी शक्ति का सम्मान, खेल और संस्कारों का मिला संगम

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