24 News Update उदयपुर। राजस्थान सरकार की पंच गौरव योजना के तहत आयोजित 15 दिवसीय तैराकी प्रशिक्षण शिविर का सातवां दिन केवल अभ्यास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तकनीकी निखार और मानसिक मजबूती के संतुलित प्रशिक्षण के रूप में सामने आया। दिन की शुरुआत प्रातःकालीन व्यायाम से हुई, जिसके बाद खिलाड़ियों को ब्रेस्ट स्ट्रोक की उन्नत तकनीकों का गहन प्रशिक्षण दिया गया।
जिला खेल अधिकारी महेश पालीवाल के अनुसार प्रशिक्षण के दौरान आर्म एक्शन, लेग मूवमेंट और ड्राइलैंड वर्कआउट पर विशेष फोकस रखा गया। पानी में आर्म और किक के बेहतर तालमेल के लिए खिलाड़ियों से लगातार अभ्यास करवाया गया, ताकि उनकी गति, संतुलन और तकनीकी दक्षता में सुधार हो सके। सत्र के अंत में ब्रेस्ट स्ट्रोक स्प्रिंट प्रतियोगिता आयोजित कर खिलाड़ियों की प्रगति का आकलन भी किया गया।
शिविर में अनुभवी खेल विशेषज्ञों की उपस्थिति ने माहौल को और प्रेरणादायक बना दिया। अतिथि के रूप में विक्रम सिंह चंदेला, गजेंद्र सिंह राठौड़, शाकिर हुसैन, शिवदान सिंह जोलावास, विक्रम सिंह शेखावत और करण सिंह शेखावत मौजूद रहे।
अतिथियों ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए खेल अनुशासन, लक्ष्य निर्धारण और निरंतर अभ्यास के महत्व पर जोर दिया। गजेंद्र सिंह राठौड़ ने तैराकी की बारीक तकनीकों को समझाते हुए कहा कि नियमित अभ्यास और प्रतिस्पर्धाओं में भागीदारी से ही खिलाड़ी अपने प्रदर्शन को अगले स्तर तक ले जा सकते हैं।
वहीं विक्रम सिंह चंदेला ने खिलाड़ियों को एक लक्ष्य तय कर उसी दिशा में समर्पित रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि खेल में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता—निरंतर मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प ही असली आधार हैं।
शिवदान सिंह जोलावास ने कोच की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए खिलाड़ियों से अपील की कि वे अपने प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का पूरी निष्ठा से पालन करें, क्योंकि सही दिशा ही प्रतिभा को उपलब्धि में बदलती है।
पंच गौरव तैराकी शिविर: सातवें दिन तकनीक, तालमेल और मोटिवेशन का संगम, खिलाड़ियों में दिखा आत्मविश्वास का उभार

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