24 News Update उदयपुर। उदयपुर में राजस्थान सरकार की पंच गौरव योजना के तहत चल रहे 15 दिवसीय तैराकी प्रशिक्षण शिविर के छठे दिन प्रतिभागियों को बैक स्ट्रोक तकनीक और शरीर के संतुलन (बॉडी बैलेंस) पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
जिला खेल अधिकारी महेश पालीवाल ने बताया कि शिविर में खिलाड़ियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ और महामंत्री पंकज बोराणा ने महाराणा प्रताप खेलगांव तरणताल पहुंचकर खिलाड़ियों से मुलाकात की और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।
प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत ड्राईलैंड अभ्यास से हुई, जिसमें खिलाड़ियों को बैक स्ट्रोक के आर्म मूवमेंट की सही तकनीक समझाई गई। इसके बाद पानी में अभ्यास के दौरान बैक किक, आर्म मूवमेंट और 25 मीटर स्प्रिंट तैराकी का अभ्यास कराया गया।
प्रशिक्षकों लक्ष्मण बरांडा, लालूराम, अविनाश मीणा, लाल शंकर मीणा, संजय खैर, सूर्या खोखरिया और अनिता तावड़ ने खिलाड़ियों को नियमित रूप से तैयार कर तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया। इस दौरान बॉडी अलाइनमेंट, फ्लोटिंग संतुलन और स्ट्रोक समन्वय पर विशेष ध्यान देते हुए खिलाड़ियों की गलतियों का सूक्ष्म विश्लेषण कर सुधारात्मक निर्देश दिए गए।
जिला खेल अधिकारी ने बताया कि बैक स्ट्रोक में संतुलन और लय का विशेष महत्व होता है, जिसे नियमित अभ्यास और सही तकनीक से ही हासिल किया जा सकता है। शिविर में प्रतिभागी खिलाड़ियों में लगातार सुधार के साथ उत्साह और अनुशासन भी देखने को मिल रहा है।
गौरतलब है कि पंच गौरव कार्यक्रम के तहत जिले में तैराकी खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस तरह के प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को निखारकर उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा सके।
पंच गौरव तैराकी शिविर: छठे दिन बैक स्ट्रोक तकनीक और बॉडी बैलेंस पर फोकस

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