24 न्यूज अपडेट, नेशनल डेस्क। सीमा पर भारतीय सेना से जबर्दस्त अंदाज में मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान अपने प्रपोगेंडा से बाज नहीं आ रहा, हार के गहरे सदमे के बीच अब झूठे दावों और फर्जी जश्न के जरिए खुद को जीतता हुआ दिखाने की नाकाम कोशिश कर रहा है। भारतीय सेना ने हाल के संघर्ष में न केवल उसे माकूल जवाब दिया, बल्कि उसकी कई कोशिशों को नाकाम भी किया।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 10 मई को ऑपरेशन ’बन्यानुम मरसूस’ को सफल बताकर हर साल इस दिन को ’यौम-ए-मरका-ए-हक’ के रूप में मनाने की हास्यास्पद घोषणा की है। यह कदम केवल पाकिस्तान की जनता को झूठे आत्मविश्वास में रखने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को सफल दिखाने की एक नाकाम कोशिश है।
सीजफायर उल्लंघन का झूठा दावा
पाकिस्तानी अखबार ’डॉन’ और सरकारी चैनल पीटीवी न्यूज ने दावा किया कि भारत ने 11 मई को पीओके (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) में सीजफायर का उल्लंघन किया, जिसमें नक्याल सेक्टर में 32 वर्षीय मोहम्मद शाहिद नामक एक पाकिस्तानी सैनिक मारा गया। इस दौरान 40 मिनट तक छोटे और भारी हथियारों से गोलाबारी का भी दावा किया गया। हालांकि, भारतीय सेना ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, और स्पष्ट किया है कि वह सिर्फ पाकिस्तान की अकारण गोलीबारी का जवाब दे रही थी।
साइबर हमलों का झूठा प्रपोगेंडा
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान समर्थित हैकर्स ने 20 दिनों में भारत पर 15 लाख साइबर हमले करने का दावा किया। हालांकि, महाराष्ट्र साइबर विभाग की जांच में पाया गया कि इनमें से केवल 150 हमले ही आंशिक रूप से सफल हो पाए। बाकी हमले भारत की मजबूत साइबर सुरक्षा के आगे नाकाम रहे। महाराष्ट्र साइबर के एडीजी यशस्वी यादव ने बताया कि इन हमलों में एक्स एपीटी 36 (पाकिस्तान आधारित), पाकिस्तान साइबर फोर्स, टीम इनसेन पीके, मिस्टेरियस बांग्लादेश, इंडो हैक्स सेक, साइबर ग्रुप हौक्स 1337 और नेशनल साइबर क्रू शामिल थे।
चीन के हथियार भेजने का झूठा दावा
पाकिस्तानी मीडिया ने यह भी दावा किया था कि चीन ने अपने सबसे बड़े कार्गो प्लेन जियान-20 के जरिए पाकिस्तान को हथियार भेजे हैं। हालांकि, चीन के रक्षा मंत्रालय ने इन दावों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया है। चीन ने इसे एक ’अफवाह’ करार देते हुए कहा कि कोई भी सैन्य सामग्री पाकिस्तान नहीं भेजी गई है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने 2020 से 2024 के बीच अपने 81 प्रतिशत हथियार चीन से खरीदे थे।
फर्जी दोस्ती का दावा
पाकिस्तानी सांसद इरफान सिद्दीकी ने दावा किया कि संघर्ष के दौरान पाकिस्तान के कई दोस्त उसके साथ थे, जबकि भारत अकेला था। यह दावा भी हकीकत से कोसों दूर है, क्योंकि भारत न केवल वैश्विक स्तर पर एक मजबूत राष्ट्र है, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं और सैन्य ताकतों में से एक है। भारत के मजबूत कूटनीतिक संबंध और वैश्विक प्रभाव पाकिस्तान के मुकाबले कहीं अधिक व्यापक और स्थिर हैं।
भारत का स्पष्ट संदेश ……गोली के बदले गोला, अब कांपेंगे दहशतगर्द
भारत ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। चाहे वह सीमा पर गोलीबारी हो या साइबर हमले, भारत हर मोर्चे पर अपने दुश्मनों को धूल चटाने की क्षमता रखता है। भारतीय सेना ने इस संघर्ष में अपने रणनीतिक कौशल और मजबूती का परिचय दिया है, जिससे पाकिस्तान का हर प्रपोगेंडा नाकाम हो गया है।
पाकिस्तान की हताशा का प्रतीक
पाकिस्तान का यह प्रपोगेंडा केवल उसकी हताशा और बौखलाहट का प्रतीक है, जो उसकी विफल कूटनीति और कमजोर आंतरिक हालात को दर्शाता है। भारत के मजबूत इरादों और संगठित रणनीति ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह किसी भी चुनौती का सामना करने में पूरी तरह सक्षम है।

