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13 रजब पर जहाजपुर में यौमे-विलादत-ए-मौला अली का जश्न, परचम कुशाई, दरूदो-सलाम और लंगर तकसीम कर मनाई गई खुशियां

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जहाजपुर | (सूरज वर्मा) मजहब-ए-इस्लाम के चौथे खलीफा, पहले इमाम और रसूल-ए-पाक ﷺ के दामाद व चचेरे भाई हज़रत अली अलैहिस्सलाम के यौमे-विलादत के पावन अवसर पर जहाजपुर में अकीदत, एहतराम और भाईचारे के साथ भव्य जश्न मनाया गया। इस्लामी तारीख 13 रजब को पूरी दुनिया के मुसलमानों की तरह जहाजपुर में भी दरूदो-सलाम, फातिहा और इसाले-सवाब के जरिए मौला-ए-कायनात को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई।


🚩 तकिया मस्जिद में परचम कुशाई, लंगर का आयोजन

यौमे-विलादत के मौके पर तकिया मस्जिद स्थित मदरसे की छत पर परचम कुशाई की गई।
राह-ए-हक फाउंडेशन के बैनर तले हज़रत अली के जन्मदिन की मुबारकबाद पेश की गई और आम लोगों के लिए लंगर का एहतमाम किया गया।
लंगर तकसीम कर आपसी भाईचारे, मोहब्बत और खुशी का इज़हार किया गया।


✨ “इल्म, शुजाअत और इंसाफ की मिसाल हैं मौला अली”

कार्यक्रम में वक्ताओं ने हज़रत अली अलैहिस्सलाम की अजीम शख्सियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि—

“आप इल्म का वह दरिया हैं, जिसकी गहराई को नापा नहीं जा सकता। इस्लाम की हिफाजत और सरबुलंदी के लिए आपने नामुमकिन नजर आने वाली जंगों को भी फतेह किया। जंगे-खैबर में आपकी बहादुरी आज भी पूरी दुनिया के लिए मिसाल है।”

वक्ताओं ने कहा कि सदियों बाद भी दुनिया मौला अली के इल्म, शुजाअत, इंसाफ और सखावत को याद करती है और उनसे रहनुमाई हासिल करती है।


📣 नारा-ए-तकबीर से गूंज उठा माहौल

कार्यक्रम के दौरान “नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर” की सदाओं से पूरा माहौल गूंज उठा।
इस मौके पर बड़ी संख्या में मुस्लिम नौजवानों और अकीदतमंदों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी यादगार बना दिया।


👥 इन अकीदतमंदों ने की शिरकत

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से
एडवोकेट अब्दुल मुतल्लिब रज़ा, जिशान पठान, साजिद मदारी, अशफाक शाह, समीर मलिक, इदरीस अंसारी, सकलेन मुस्तफा सहित कई गणमान्य अकीदतमंदों ने शिरकत की।


🤝 भाईचारे और अमन का संदेश

यौमे-विलादत-ए-मौला अली के इस आयोजन ने अमन, मोहब्बत, इंसाफ और इंसानियत का पैगाम देते हुए समाज में आपसी सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया।

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