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विकास की ओर हमारा डाक विभाग: पार्सल राजस्व में पिछले साल की तुलना में 36.5 प्रतिशत की वृद्धि

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-अमेज़न, शिपरॉकेट, डीकैथलॉन, डीटीडीसी जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी
-राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया के प्रश्न पर संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने दी जानकारी

24 News Update उदयपुर। पार्सल और ई-कॉमर्स क्षेत्रों में डाक विभाग की पहल के कारण पार्सल राजस्व में जनवरी 2026 तक पिछले वर्ष की तुलना में 36.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
राज्य सभा में सांसद चुन्नीलाल गरासिया द्वारा पूछे गए प्रश्न पर संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने राज्य सभा में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि डाक विभाग ने भारतीय डाक को प्रमुख सार्वजनिक लॉजिस्टिक्स संगठन के रूप में रूपांतरित करने के उद्देश्य से पार्सल और ई-कॉमर्स सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई पहल शुरू की हैं। इसके तहत उन्नत डाक प्रौद्योगिकी (एटीपी) परियोजना 2.0 के तहत रियल टाइम ट्रैकिंग, ओटीपी आधारित डिलीवरी और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों के साथ एपीआई एकीकरण लागू किया गया है।  
केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि मेल एवं पार्सल ऑप्टिमाइजेशन परियोजना (एमपीओपी) के माध्यम से ऑटोमेशन, मानकीकृत कार्यप्रवाह और पार्सल सॉर्टर्स जैसी तकनीकें अपनाई गई हैं। अमेज़न, शिपरॉकेट, डीकैथलॉन, डीटीडीसी जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी की गई है और विभाग ओएनडीसी प्लेटफॉर्म से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में एमएसएमई, शिल्पियों और छोटे कारोबारों के निर्यात को बढ़ावा देने हेतु डाक निर्यात केंद्र स्थापित किए गए हैं।  
लगातार तकनीक में सुधारों के कारण पार्सल ट्रैफिक में वृद्धि हुई है। वर्ष 2022-23 में 431.52 लाख, वर्ष 2023-24 में 578.42 लाख तथा वर्ष 2024-25 में 712.01 लाख का राजस्व रहा।
उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय सड़क परिवहन नेटवर्क के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 62,000 किलोमीटर दूरी कवर की जाती है। 145 शहरों में 234 नोडल डिलीवरी केंद्र स्थापित हैं, जिनमें से लगभग 30 प्रतिशत पार्सल डिलीवरी यांत्रिक वाहनों द्वारा की जाती है। 8 सेमी-ऑटोमेटेड छटाई प्रणालियां प्रति घंटे 2,500 पार्सल तक प्रोसेस करने की क्षमता रखती हैं।  

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