Site icon 24 News Update

पेट्रोलियम गतिविधियों को खनन गतिविधियों से अलग करने सहित अन्य बदलावों के लिए संशोधन अधिनियम लागू किए -राज्यसभा में सांसद चुन्नीलाल गरासिया के प्रश्न पर राज्य मंत्री सुरेश गोपी का जवाब

Advertisements

24 News update उदयपुर। राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया द्वारा अन्वेषण की प्रगति और घरेलू हाईड्रोकार्बन उत्पादन के सम्बन्ध में पूछे गये राज्य सभा अतारांकित प्रश्न के जवाब पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि पेट्रोलियम गतिविधियों को खनन गतिविधियों से अलग करने सहित अन्य बदलावों के लिए संशोधन अधिनियम लागू किए गए है।
श्री गोपी ने राज्यसभा में बताया कि सरकार को विश्वास है कि इन अपस्ट्रीम विनियामक सुधारों से मध्यम अवधि में घरेलू कच्चे तेल एवं प्राकृतिक गैस उत्पादन में वृद्धि होगी और आयात निर्भरता में कमी आएगी। उन्होंने बताया कि तेल क्षेत्र (विनियमन एवं विकास) संशोधन अधिनियम, 2025 को 15 अप्रैल, 2025 से लागू किया गया। इसके साथ ही 9 दिसंबर, 2025 को अधिसूचित पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियम, 2025 ने अनुमोदन प्रक्रियाओं को सरल बनाया है और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है। इन सुधारों का उद्देश्य कम अन्वेषित एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में अन्वेषण को प्रोत्साहित करना, मौजूदा उत्पादन क्षेत्रों से पुनर्प्राप्ति बढ़ाना, घरेलू एवं वैश्विक निवेश आकर्षित करना तथा ऊर्जा परिवर्तन को सुगम बनाने के लिए तेल क्षेत्रों में व्यापक ऊर्जा परियोजनाओं का विकास करना है।
उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम गतिविधियों को खनन गतिविधियों से अलग करना, खनिज तेल शब्दावली का विस्तार, पेट्रोलियम पट्टा की अवधारणा का समावेश, स्थिर शर्तों पर पट्टा प्रदान करना, विवाद समाधान के प्रभावी प्रावधान तथा अपराध की श्रेणी से प्रावधानों को हटाना और दंड व्यवस्था को न्यायिक प्राधिकारी के अधीन करना संशोधन अधिनियम की प्रमुख विशेषताएं हैं।  
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हाइड्रोकार्बन अन्वेषण एवं अनुज्ञप्ति नीति वर्ष 2016 से अब तक 9 दौर की बोलियों के माध्यम से कुल 172 अन्वेषण ब्लॉक (क्षेत्रफल 3,78,652 वर्ग किलोमीटर) आवंटित किए गए।

Exit mobile version