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जनजातीय क्षेत्र की पंचायतों को यूडीए में शामिल करने का विरोध, विधायक ने मंत्री से की मुलाकात, नेताओं ने कहा-भूमाफिया पहाड़ों को काटकर, जंगल और चरनोट भूमि को खुर्द-बुर्द कर देंगे

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24 News Update उदयपुर । उदयपुर। उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की जनजातीय पंचायतों को उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) में शामिल करने के प्रस्ताव का विरोध किया है। इस संबंध में वे जयपुर स्थित नगरीय एवं स्वायत्त शासन विभाग के मंत्री झाबर सिंह खर्रा से मिले। मीणा ने कहा कि ग्राम पंचायत पोपल्टी, फान्दा, अलसीगढ़, उन्दरी खुर्द, चोकड़िया और नयागुड़ा जनजातीय क्षेत्र में स्थित हैं और शहर से काफी दूरी पर हैं। इन पंचायतों को यूडीए में शामिल करने से न सिर्फ इनका पारंपरिक स्वरूप बिगड़ेगा, बल्कि यहां का औद्योगीकरण भी बढ़ेगा, जिससे स्थानीय आदिवासी जनता की जमीन, जंगल और रहन-सहन पर संकट खड़ा हो जाएगा।
भूमाफियाओं के अतिक्रमण का खतरा
पंचायत समिति गिर्वा के नेता प्रतिपक्ष गुणवंत कोठारी ने आशंका जताई कि इस क्षेत्र में अधिकतर भूमि जंगल, चरनोट व अरावली पर्वतमालाओं से आच्छादित है। यदि इन्हें यूडीए क्षेत्र में लिया गया तो भूमाफिया पहाड़ों को काटकर, जंगल और चरनोट भूमि को खुर्द-बुर्द कर देंगे। कोठारी ने कहा कि ये पंचायतें मुख्य सड़कों से अंदरूनी क्षेत्र में स्थित हैं और शहर से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर हैं। यहां गरीब आदिवासी अपनी जीविका हेतु खेती पर निर्भर हैं। यूडीए में शामिल होने से उनकी खेती योग्य भूमि भी प्रभावित होगी और वे आजीविका से वंचित हो जाएंगे। विधायक मीणा ने मंत्री को दिए पत्र में बताया कि ये पंचायतें संविधान के अनुच्छेद 244(1) के अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्र में आती हैं तथा पंचायती राज अधिनियम व ‘पेसा कानून 2011’ के तहत ग्राम सभाओं द्वारा शासित होती हैं। इसके बावजूद स्थानीय अधिकारियों द्वारा संविधान के अनुच्छेद 243 व 243(2) के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए इन पंचायतों को जबरन यूडीए में शामिल किया जा रहा है, जो विधि विरुद्ध है। मीणा ने कहा कि संविधान के अनुसार अनुसूचित व जनजातीय क्षेत्रों पर सामान्य प्रावधान लागू नहीं होते। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन पंचायतों को यूडीए में शामिल किया गया, तो संविधान की अवहेलना और आदिवासी हितों के हनन के विरुद्ध अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट और अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। साथ ही बताया कि न तो इन पंचायतों से कोई सहमति ली गई है और न ही कोई एनओसी जारी हुई है। विधायक मीणा ने बताया कि नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने आश्वस्त किया है कि इस मामले में शीघ्र आवश्यक कार्यवाही की जाएगी तथा जनजातीय क्षेत्र की जनता के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
बैठक में रहे ये लोग उपस्थित
इस अवसर पर पंचायत समिति गिर्वा के नेता प्रतिपक्ष गुणवंत कोठारी, दिनेश धायभाई, धर्मपाल मीणा, कैलाश मीणा, नरेश कटारा, देवीलाल मीणा, मांगीलाल मीणा सहित अन्य जनप्रतिनिधि व ग्रामीण नेता भी मौजूद रहे।

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