24 News Update निम्बाहेडा (कविता पारख)। महात्मा गांधी नरेगा योजना अंतर्गत जिले में लगे जिला लोकपाल अधिकारी अभिषेक सोनी के द्वारा पंचायत समिति डूंगला की ग्राम पंचायत देलवास एवं किशन करेरी में जब निरीक्षण किया गया। तब कई कमियां उजागर होकर सामने आ गयी। तपती धूप में मनरेगा श्रमिक कार्यस्थल पर झाड़ियों की छाव के बैठे हुए दिखाई दिए जिनके लिए ना ही तो कोई छाया की व्यवस्था ना हीं फर्स्ट स्टेट बॉक्स की व्यवस्था ना हीं कोई टेंट की व्यवस्था यहां तक की कोई श्रमिक अगर ऐसी तपती धूप के दौरान गस्त खाकर नीचे गिर जाए अथवा बीमार हो जाए तो उसके लिए प्राथमिक उपचार हेतु फर्स्ट एड बॉक्स भी उपलब्ध नहीं है । जबकि राज्य सरकार ने नरेगा कार्य स्थल पर आवश्यक रूप से छाया पानी के साथ फर्स्ट एड बॉक्स की व्यवस्था हो ऐसे निर्देश सभी विकास अधिकारियों को दिए हुए हैं साथ ही कार्य स्थल पर एक श्रमिक माँ अपने छोटे बच्चे के साथ इतनी भयंकर गर्मी मे कार्य स्थल दिखाई दि | बावजूद इसके ग्राम पंचायत में संबंधित अधिकारियों द्वारा समय पर निरीक्षण नहीं किए जाने से इस तरह की अनियमितता उजागर हो रही है। इसके अलावा देलवास मे कार्यस्थल पर मौके पर मशीनी पंजों के निशान भी पाए गए एवं ऑनलाइन 20 श्रमिकों की उपस्थिति दर्शा रखी है जबकि कार्यस्थल पर 13 श्रमिक ही मौके पर कार्यस्थल पर झाड़ियों की छाया मे बैठे हुये मिले | इसके उपरांत जिला लोकपाल अधिकारी द्वारा जब ग्राम पंचायत का नरेगा रिकॉर्ड चेक किया गया तो वह भी पूर्ण नहीं पाया गया। तुरंत प्रभाव से जिला लोकपाल अधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों के कार्मिकों को निर्देश दिए गए की नरेगा कार्य स्थल पर श्रमिकों के लिए समस्त आवश्यक छाया पानी फर्स्ट एड बॉक्स की उपलब्धता सुनिश्चित करवाने के साथ नरेगा रिकॉर्ड कंप्लीट कर अवगत करवाना सुनिश्चित करें। तथा संबंधित अधिकारियों को समय पर निरीक्षण करने एवं पाई गई कमियों को दूर करते हुए रिपोर्ट करने के निर्देश दिए।
नरेगा श्रमिकों का तपती गर्मी में हाल बेहाल

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