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खारी-मानसी नदियों में अवैध खनन पर NGT सख्त, 6 हफ्ते में रिपोर्ट तलब; संयुक्त समिति गठित

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24 News update फूलियाकलां में खारी और मानसी नदियों में कथित अवैध बजरी खनन के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार, जिला प्रशासन, संबंधित अधिकारियों और लीज धारक को नोटिस जारी कर 6 सप्ताह के भीतर जवाब व विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
यह कार्रवाई फूलियाकलां निवासी हबीब मोहम्मद द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान की गई। याचिका में आरोप है कि खनन कार्य पर्यावरण कानूनों और नियमों की अनदेखी करते हुए बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। खनन क्षेत्र के सीमा चिह्न हटाकर तय सीमा से बाहर खुदाई, बिना अनुमति वेट ब्रिज (धर्मकांटा) और सोलर स्ट्रक्चर का निर्माण जैसे गंभीर उल्लंघन भी सामने आए हैं।
खारी और मानसी नदियां क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाती हैं, जिन पर हजारों किसान सिंचाई के लिए निर्भर हैं। साथ ही फूलियाकलां स्थित धानेश्वर तीर्थ के संगम स्थल का धार्मिक महत्व भी जुड़ा है। याचिका में बताया गया है कि अवैध खनन से नदियों का प्राकृतिक बहाव बिगड़ रहा है, नदी तल कमजोर हो रहा है और भूजल स्तर लगातार गिर रहा है, जिससे खेती और आमजन की आजीविका प्रभावित हो रही है।
मामले में पूर्व में 31 जनवरी 2026 को तहसीलदार की मौजूदगी में हुए निरीक्षण में भी अवैध खनन और सीमा चिह्नों के नुकसान की पुष्टि हुई थी, बावजूद इसके प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।
NGT ने जांच के लिए संयुक्त समिति का गठन किया है, जिसमें भीलवाड़ा जिला कलेक्टर का प्रतिनिधि और राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अधिकारी शामिल होगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोडल एजेंसी बनाकर 6 सप्ताह में मौके का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
ट्रिब्यूनल ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जांच में अवैध खनन जारी पाया जाता है, तो जिला प्रशासन को तत्काल खनन रोकने, दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज करने और पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई (एनवायरनमेंटल कम्पनसेशन) वसूलने की कार्रवाई करनी होगी।साथ ही सभी पक्षों को ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से OCR सपोर्ट वाली पीडीएफ में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। आवेदक को भी एक सप्ताह में सभी पक्षों को दस्तावेज उपलब्ध कराने और हलफनामा पेश करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है।

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