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अवैध खनन के खिलाफ संयुक्त अभियान, 3 करोड़ की शास्ति ड्रोन सर्वे, जब्ती और नोटिस—जीरो टोलरेंस नीति से कार्रवाई

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24 News Update उदयपुर। अरावली पर्वतमाला के संरक्षण को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए उदयपुर जिले में अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ व्यापक और प्रभावी कार्रवाई शुरू की है। राज्य सरकार के निर्देशों की पालना में 29 दिसंबर से जिलेभर में विशेष संयुक्त अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत अब तक दर्जनों प्रकरण दर्ज कर लगभग तीन करोड़ रुपये की शास्ति आरोपित की जा चुकी है।
जिला कलेक्टर नमित मेहता के निर्देशन में गठित संयुक्त निरीक्षण दलों द्वारा खान, वन, पर्यावरण, राजस्व, पुलिस एवं परिवहन विभाग के समन्वय से यह कार्रवाई की जा रही है। अभियान के तहत संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखते हुए अवैध खनन, भंडारण एवं निर्गमन पर सीधा प्रहार किया गया है।
अवैध खनन, भंडारण व परिवहन के 32 प्रकरण दर्ज
खनि अभियंता आसिफ अंसारी ने बताया कि अब तक की कार्रवाई में अवैध खनन के 10 प्रकरण, अवैध भंडारण का 1 प्रकरण तथा अवैध निर्गमन के 21 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इसके अतिरिक्त जिले में 8 खनन पट्टों का ड्रोन सर्वेक्षण कराया गया है। जांच के दौरान दो मेसोनरी स्टोन खनन पट्टों में स्वीकृत सीमा से बाहर खनन पाया गया, जिस पर विभाग द्वारा मौके पर पंचनामा तैयार कर संबंधित पट्टाधारकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सुनवाई का अवसर दिया गया है।

उत्पादन में असामान्य वृद्धि पर 9 पट्टे रडार पर
विभागीय जांच में वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26 में कुछ खनन पट्टों के उत्पादन में अत्यधिक अंतर पाया गया। इस पर संदेह के आधार पर कुल 9 खनन पट्टों को चिन्हित कर वास्तविक स्थिति की पुष्टि हेतु आरएसएमईटी के माध्यम से ड्रोन सर्वे कर वॉल्यूमेट्रिक गणना कराई गई। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर अरावली क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए अलवर, जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, राजसमंद, उदयपुर सहित कुल 20 अरावली विस्तार जिलों में 29 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक विशेष संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जिला कलेक्टर नमित मेहता ने संबंधित विभागों की बैठक लेकर जीरो टोलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

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