राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव वाले नेताओं पर भरोसा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जारी किए नियुक्ति आदेश उदयपुर, 12 अक्टूबर। देश के छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और तबादलों के जरिए राजभवनों में नया प्रशासनिक समीकरण तैयार किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से जारी आदेशों के तहत चार नए राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं, जबकि दो राज्यपालों को दूसरे राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नियुक्तियों में भाजपा के संगठनात्मक अनुभव वाले नेताओं के साथ संसदीय और प्रशासनिक पृष्ठभूमि से जुड़े चेहरों को भी जगह मिली है। नई व्यवस्था के तहत ओम प्रकाश माथुर को सिक्किम से केरल भेजा गया है, जबकि राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। सुधा यादव को कर्नाटक, ब्रज मोहन राम को ओडिशा, डॉ. दल सिंह बिसेन को उत्तराखंड और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया है। इन नियुक्तियों में सुधा यादव का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। वह हरियाणा के महेंद्रगढ़ से वर्ष 1999 में लोकसभा सदस्य चुनी गई थीं। रसायन विज्ञान में स्नातकोत्तर और पीएचडी की शैक्षणिक पृष्ठभूमि रखने वाली यादव राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य भी रह चुकी हैं। भाजपा के संसदीय बोर्ड में उनकी भूमिका ने उन्हें पार्टी के महत्वपूर्ण संगठनात्मक चेहरों में शामिल किया है। ओम प्रकाश माथुर राजस्थान के पाली जिले से आते हैं और भाजपा के वरिष्ठ संगठनकर्ताओं में गिने जाते हैं। पार्टी के केंद्रीय चुनाव समिति में उनकी भूमिका रही है। सिक्किम के बाद अब केरल जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है। राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर का राजनीतिक सफर गोवा से शुरू हुआ। वह गोवा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहने के साथ मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। राज्यपाल के रूप में हिमाचल प्रदेश, बिहार और केरल में उनकी नियुक्तियां हो चुकी हैं। तमिलनाडु का अतिरिक्त प्रभार संभालने के बाद अब उन्हें इसी राज्य का पूर्ण दायित्व दिया गया है। ब्रज मोहन राम बिहार की राजनीति में विधायक रहे हैं और झारखंड के पलामू क्षेत्र से लोकसभा सदस्य भी चुने गए थे। वहीं, डॉ. दल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश की राजनीति से आते हैं। वह कई बार विधायक रहे और वर्ष 2019 से 2024 तक बालाघाट से लोकसभा सदस्य के रूप में प्रतिनिधित्व किया। मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। दुष्यंत गौतम भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं और हरियाणा से राज्यसभा सदस्य के रूप में भी काम कर चुके हैं। छात्र राजनीति से जुड़े संगठनात्मक अनुभव के बाद पार्टी में उनकी भूमिका लगातार महत्वपूर्ण रही है। अब उन्हें सिक्किम के राज्यपाल की जिम्मेदारी दी गई है। छह राज्यों में हुए इस बदलाव में चार नए चेहरों को संवैधानिक पदों पर अवसर मिला है, जबकि दो अनुभवी राज्यपालों का कार्यक्षेत्र बदला गया है। इन नियुक्तियों के साथ विभिन्न राज्यों के राजभवनों में नई जिम्मेदारियों का दौर शुरू होगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation कैंसर की दवाओं पर 30% मुनाफे की सीमा, तो बाकी दवाओं पर क्यों नहीं? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब