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चित्तौड़गढ़ में नई प्रशासनिक कमान: डॉ. मंजू होंगी 51वीं कलेक्टर, आलोक रंजन जोधपुर कलेक्टर बने

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24 News Update चित्तौड़गढ़। राजस्थान सरकार द्वारा किए गए व्यापक प्रशासनिक फेरबदल के तहत जिले में नेतृत्व परिवर्तन किया गया है। जारी आदेशों के अनुसार आलोक रंजन का स्थानांतरण जोधपुर जिला कलेक्टर के पद पर किया गया है, जबकि उनकी जगह डॉ. मंजू चित्तौड़गढ़ की नई जिला कलेक्टर के रूप में पदभार ग्रहण करेंगी। वे जिले की 51वीं कलेक्टर होंगी।

आलोक रंजन का कार्यकाल और नई जिम्मेदारी
आलोक रंजन ने 7 जनवरी 2024 को चित्तौड़गढ़ में पदभार संभाला था और अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न प्रशासनिक एवं विकासात्मक पहल को गति दी। लगभग दो वर्ष से अधिक के कार्यकाल में जिले में आधारभूत संरचना, राजस्व प्रबंधन एवं जनसेवा से जुड़े कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका रही। अब उन्हें जोधपुर जैसे बड़े और महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जहां उनके अनुभव का उपयोग प्रशासनिक सुदृढ़ता में अपेक्षित माना जा रहा है।

डॉ. मंजू: चिकित्सा और प्रशासन का संतुलित अनुभव
डॉ. मंजू वर्ष 2016 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और मूलतः झुंझुनूं जिले से संबंधित हैं। उनका शैक्षणिक एवं व्यावसायिक प्रोफाइल बहुआयामी है—उन्होंने एमबीबीएस के साथ एमएस, डीएनबी (स्त्री एवं प्रसूति रोग) तथा पब्लिक मैनेजमेंट में स्नातकोत्तर अध्ययन किया है। चिकित्सा एवं प्रशासन, दोनों क्षेत्रों का अनुभव उनके निर्णयों में व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रदान करता है।
प्रशासनिक करियर की शुरुआत उन्होंने 2017 में प्रशिक्षण उपरांत उदयपुर में सहायक कलेक्टर के रूप में की। इसके बाद उन्होंने Ministry of Food Processing Industries, नई दिल्ली में सहायक सचिव के रूप में कार्य किया, जहां नीतिगत स्तर पर कार्य करने का अनुभव प्राप्त हुआ। उदयपुर जिले में उन्होंने वल्लभनगर में सहायक कलेक्टर एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट (फास्ट ट्रैक), बड़गांव में उपखंड अधिकारी तथा जिला परिषद में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण दायित्व संभाले। इसके अतिरिक्त अलवर में यूआईटी सचिव, जयपुर में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में संयुक्त सचिव तथा ऊर्जा विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में भी उन्होंने सेवाएं दीं।
वर्ष 2024 में वे श्रीगंगानगर की जिला कलेक्टर रहीं और इससे पूर्व शाहपुरा में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी के रूप में कार्य किया। चित्तौड़गढ़ में उनकी यह तीसरी जिला कलेक्टर के रूप में नियुक्ति होगी, जो उनके प्रशासनिक अनुभव और कार्यक्षमता का संकेत माना जा रहा है।

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