- आरोपी ने दुष्कर्म का प्रयास कर फांसी देकर मारने की कोशिश की थी, थांवला पुलिस टीम ने किया खुलासा
24 News Update जयपुर। नागौर पुलिस ने महिला एवं बाल अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार और सीओ डेगाना जयप्रकाश बेनिवाल के सुपरविजन व थानाधिकारी थांवला विमला चौधरी के नेतृत्व में गठित टीम ने एक नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के प्रयास और उसे फांसी देकर मारने की कोशिश के मामले में आरोपी उम्मेदराम वाल्मीकि पुत्र शंकर राम (23) निवासी दौलतपुरा थाना थांवला को गिरफ्तार किया है।
एसपी कच्छावा ने बताया कि 2 अगस्त को एक व्यक्ति ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी 14 वर्षीय बेटी घर से खाना लेकर निकली थी, लेकिन कुएं पर नहीं पहुंची। जब उन्होंने गांव वालों के साथ मिलकर उसकी तलाश शुरू की तो माता जी के मंदिर के पास तलघर से चीखने की आवाजें आईं। तलघर का दरवाजा अंदर से बंद था।
जब उसने और उसके भाई ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर उनकी बेटी मिली, जिसके गले में एक तौलिया बंधा हुआ था और मुंह में झाग आ रहे थे। पास में ही आरोपी उम्मेदाराम भी मौजूद था। बच्ची की हालत खराब थी। प्रार्थी ने अपनी रिपोर्ट में आशंका जताई कि आरोपी उम्मेदाराम ने उनकी बेटी के साथ गलत काम किया है और बच्ची की हालत ज्यादा खराब होने पर खुद जहरीला पदार्थ खाकर बेटी को फांसी लगाने की कोशिश की है। इस रिपोर्ट पर पुलिस थाना थांवला में मुकदमा बीएनएस व पोक्सो एक्ट में दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।
आसूचना एवं तकनीकी सहायता से पुलिस ने मामले में नामजद आरोपी उम्मेद राम वाल्मीकि को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे अग्रिम अनुसंधान किया जा रहा है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी थांवला विमला चौधरी, हेड कांस्टेबल लालाराम, महावीर यादव, कांस्टेबल शंकरलाल, बनवारी लाल और रतीराम की विशेष भूमिका रही।

