24 News Update वॉशिंगटन। डोनाल्ड ट्रम्प ने एक विवादित पोस्ट साझा कर नया राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया है। इस पोस्ट में कट्टरपंथी लेखक माइकल सैवेज की चिट्ठी शामिल है, जिसमें भारत और चीन को ‘हेल होल’ (नरक) बताया गया है और अमेरिका की जन्म के आधार पर नागरिकता (बर्थराइट सिटिजनशिप) व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं।
चिट्ठी में आरोप लगाया गया है कि भारत समेत कई देशों के प्रवासी अमेरिका में बच्चों को जन्म देकर नागरिकता हासिल करते हैं और बाद में अपने पूरे परिवार को वहां बुला लेते हैं। इसमें कहा गया कि यह व्यवस्था अब पुरानी हो चुकी है और इसे अदालतों के बजाय जनमत से तय किया जाना चाहिए।
इस मुद्दे पर भारत सरकार की भी प्रतिक्रिया आई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सरकार ने इस मामले से जुड़ी रिपोर्ट्स देखी हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
चिट्ठी में कैलिफोर्निया के टेक सेक्टर में भारतीय और चीनी पेशेवरों के प्रभाव, प्रवासियों द्वारा सरकारी सुविधाओं के उपयोग और सांस्कृतिक बदलाव जैसे मुद्दों को भी उठाया गया है, हालांकि इन दावों को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
गौरतलब है कि अमेरिका में जन्म के आधार पर नागरिकता का प्रावधान 14वां संशोधन के तहत 1868 से लागू है। हाल ही में ट्रम्प प्रशासन ने इसे सीमित करने की कोशिश की थी, लेकिन मामला फिलहाल अदालतों में विचाराधीन है।
इस पूरे घटनाक्रम ने अमेरिका में इमिग्रेशन नीति, नागरिकता कानून और वैश्विक प्रवास को लेकर बहस को फिर तेज कर दिया है।
माई फ्रेंड ट्रम्प ने भारत को बताया ‘नरक’, बोले—नागरिकता हासिल करते हैं और बाद में पूरे परिवार को बुला लेते हैं

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