24 News Update केलवाड़ा/कुंभलगढ़। कुंभलगढ़ दुर्ग में मोहर्रम के ताजिए जुलूस को लेकर पिछले दो दिनों से चल रहा विवाद शनिवार को समाप्त हो गया। उपखंड कार्यालय कुंभलगढ़ में प्रशासन, हिंदू संघर्ष समिति और जनप्रतिनिधियों के बीच हुई समझौता वार्ता में सहमति बन गई। तय हुआ कि इस बार मोहर्रम का जुलूस पूर्व निर्धारित रूट की बजाय थोड़ा संक्षिप्त किया जाएगा। वार्ता में विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़, एडीएम नरेश बुनकर, एसडीएम आकांक्षा दुबे, तहसीलदार बाबूलाल नारनौलिया, एडिशनल एसपी महेंद्र पारीक, डीएसपी ज्ञानेंद्र सिंह, थानाधिकारी विशाल गवारिया और हिंदू संघर्ष समिति के प्रतिनिधि शामिल रहे। हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक रजनीश शर्मा समेत पांच सदस्यों ने वार्ता में हिस्सा लिया। बैठक में निर्णय हुआ कि भविष्य में दुर्ग परिसर या उसके भीतर किसी भी धार्मिक आयोजन की अनुमति प्रशासन की स्वीकृति और पुरातत्व विभाग की गाइडलाइन के अनुरूप दी जाएगी। मोहर्रम जुलूस को लेकर हिंदू संगठनों द्वारा दो दिन तक विरोध प्रदर्शन किया गया था। शुक्रवार को केलवाड़ा बस स्टैंड और प्रताप चौराहे पर सैकड़ों लोगों ने टायर जलाकर भारतीय पुरातत्व विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद उपखंड कार्यालय के बाहर पुरातत्व विभाग के कर्मचारियों का पुतला भी फूंका गया। विरोध के चलते केलवाड़ा कस्बे के बाजार बंद कराए गए थे, जो अब समझौते के बाद पुनः खुल गए हैं। हिंदू संघर्ष समिति का कहना था कि जब भी हिंदू समाज द्वारा दुर्ग परिसर में आयोजन की अनुमति मांगी जाती है, तो भारतीय पुरातत्व विभाग शासकीय स्वीकृति का हवाला देकर मना कर देता है। जबकि वर्षों से मोहर्रम, बारा वफात और छड़ी जुलूस बिना अनुमति के निकाले जाते रहे हैं। इसी भेदभाव को लेकर समिति ने विरोध जताया था।
प्रशासन ने दिया आश्वासन
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अब सभी धार्मिक आयोजन प्रशासन और पुरातत्व विभाग की पूर्व अनुमति व दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही संपन्न होंगे। मोहर्रम का जुलूस भी इस बार निर्धारित रूट से थोड़ा संक्षिप्त करते हुए निकाला जाएगा, ताकि सभी पक्ष संतुष्ट रहें और क्षेत्र में सौहार्द बना रहे।
कुंभलगढ़ दुर्ग में मोहर्रम जुलूस विवाद सुलझा, वार्ता के बाद रूट में बदलाव

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