-उमरड़ा में प्रस्तावित रेलवे यार्ड को आगे सरकारी भूमि पर बनाने का आग्रह किया-मेवाड़ को दक्षिण भारत से जोड़ने के लिए एकाधिक ट्रेनों की मांग की24 News Update उदयपुर। सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने बुधवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव रेल मिलकर उमरड़ा में प्रस्तावित रेलवे यार्ड को आगे सरकारी भूमि पर बनाने, चित्तौड़गढ़ से उदयपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण करने, उदयपुर से सूरत तक वन्दे भारत ट्रेन चलाने तथा मेवाड़ को दक्षिण भारत से जोड़ने के लिए एकाधिक ट्रेनों का संचालन करने का आग्रह किया। रेलमंत्री ने इन मांगों पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिलाया।सांसद डॉ रावत ने उदयपुर से असारवा प्रस्तावित वन्देभारत ट्रेन को सूरत (गुजरात) तक बढ़ाने का आग्रह किया। सांसद डॉ रावत ने बताया कि हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीकानेर से वर्चुअली उदयपुर-अहमदाबाद रेल ट्रैक के इलेक्ट्रिफिकेशन कार्य का लोकार्पण किया गया। इस इलेक्ट्रिफिकेशन कार्य के पूर्ण हो जाने से दक्षिण राजस्थान के निवासियों को जल्द ही उदयपुर से सुरत, मुम्बई एवं दक्षिण भारत के लिए सीधी रेल सेवा प्राप्त होने की आस जगी है।नई वन्देभारत ट्रेन को सूरत तक बढ़ाये की मांगसांसद डॉ रावत ने बताया कि उदयपुर (राजस्थान) से असारवा (गुजरात) तक प्रस्तावित नई वन्देभारत ट्रेन को सूरत तक बढ़ाये जाना चाहिए। उक्त प्रस्तावित वन्दे भारत ट्रेन का समय उदयपुर से प्रातः 06.10 बजे प्रारम्भ होकर असारवा में आगमन प्रातः 10.25 बजे एवं असारवा से प्रस्थान सायंः 17.45 बजे प्रारम्भ होकर उदयपुर आगमन रात्रि 22.00 बजे बताया गया है। इस प्रकार उक्त वन्दे भारत ट्रेन 07.00 घन्टे से अधिक समय तक असारवा स्टेशन पर खड़ी रहेगी। इसलिए इस वन्दे भारत ट्रेन के पूर्ण उपयोग के लिए इसका विस्तार सूरत (गुजरात) तक किया जाना उचित होगा क्योंकि दक्षिण राजस्थान के मेवाड एवं वागड़ क्षेत्र से लाखों की संख्या में व्यापारीजन एवं आमजन विविध कार्यों के लिए लगातार सूरत एवं इसके आस-पास के क्षेत्र के लिए यात्रा करते है।उदयपुर से चन्दरिया (चित्तौड़गढ़) रेलवे ट्रेक का दोहरीकरण होसांसद डॉ रावत ने रेल मंत्री को बताया कि उदयपुर पर्यटन की दृष्टि से विश्व पटल पर विशेष स्थान रखता है, जहां वर्ष पर्यन्त लाखों की संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक आते है। उदयपुर में बढ़ते यात्रियों, पर्यटकों इत्यादि की संख्या को देखते हुए वर्तमान में संचालित रेल सेवा को भी क्रमोन्नत किये जाने की आवश्यकता है। इसके लिए नई रेल सेवा के साथ ही रेल ट्रेक का दोहरीकरण किये जाने की नितान्त आवश्यकता है। जानकारी में आया है कि वर्तमान में अजमेर से चन्देरिया रेल मार्ग का दोहरीकरण कार्य प्रगति पर है। यदि उदयपुर से चन्देरिया मार्ग का दोहरीकरण किया जाता है तो क्षेत्र की रेल सेवा का भी आवश्यकतानुसार और अधिक विकास होगा।उदयपुर से देश के अन्य शहरों के लिए ट्रेनों के संचालन की मांगसांसद डॉ रावत ने बताया कि उदयपुर की देश के दूसरे शहरों से बेहतर रेल कनेक्टिविटी के लिए उदयपुर की जनता द्वारा लगातार मांग की जा रही है। इसके लिए नई रेल सुविधाओं की आवश्यकता है। उदयपुर योगनगरी ऋषिकेश ट्रेन (19809/10) वर्तमान में सप्ताह में तीन दिन चल रही है। इसे देहरादून तक बढ़ाया जाकर प्रतिदिन चलाये जाने की आवश्यकता है। साथ ही इस ट्रेन के कोच भी बढ़ाने की आवश्यकता है।2 उदयपुर बांदा टर्मिनस ट्रेन (22902/01) वर्तमान में सप्ताह में तीन दिन चल रही है, जिसे प्रतिदिन चलाया जाने एवं रूट बदलकर वाया अहमदाबाद किये जाने की आवश्यकता है। आगरा आसरवा एक्सप्रेस ट्रेन (01919/20) उक्त ट्रेन पूर्व में संचालित की गई थी, जिसमें यात्रीभार लगभग 100 प्रतिशत था। इस ट्रेन को पुनः स्थायी रूप से चलाने की आवश्यकता है। अजमेर-काठगोदाम एक्सप्रेस ट्रेन (रानीखेत एक्सप्रेस 15013/14) को उदयपुर तक बढ़ाया जायें। गुजरात मेल एक्सप्रेस (ट्रेन नं. 12901/02) यह ट्रेन प्रतिदिन मुम्बई-अहमदाबाद-मुम्बई के बीच संचालित है। प्रातः 05.50 बजे मुम्बई से अहमदाबाद पहुंचने के पश्चात् रात्री 22.50 बजे मुम्बई के लिए प्रस्थान करती है। अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर लगभग 17 घण्टे का ठहराव रहता है। उक्त ट्रेन का उदयपुर तक विस्तार किया जाना चाहिए।उमरडा में रेलवे यार्ड की भूमि अधिग्रहण के संबंध में मांगसांसद डॉ रावत ने बताया कि उदयपुर जिले में ग्राम उमरडा के रेलवे स्टेशन (उमरा) में कोच रखरखाव, सुविधाओं का विकास, अनुरक्षण, प्रबन्धन और परिचालन के लिए अपेक्षित रेलवे यार्ड के लिए आबादी भूमि (कुल क्षेत्रफल 13.7401 हेक्टयर) का अधिग्रहण किया जा रहा है, जबकि इस हेतु रेलवे स्टेशन उमरा के पास ही अतिरिक्त भूमि मौजूद हैं। अधिग्रहण किये जाने वाली भूमि पर अधिकतर जनजाति समुदाय एवं निम्न आय वर्ग के परिवार निवासरत है, जिनका जीवनयापन क्षेत्र में कृषि एवं अन्य स्थानीय कार्यों के द्वारा होता है। उक्त भूमि के अधिग्रहण से क्षेत्र के लोगों का स्थानीय रोजगार पर संकट उत्पन्न होने से पलायन की स्थिति पैदा हो रही है। इस अधिग्रहण से लगभग 300 कास्तकार प्रभावित हो रहे हैं। सांसद डॉ रावत ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए अन्य विकल्पों का सुझाव दिया है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation दिव्यांगजन सशक्तिकरण की नई मिसाल, नारायण सेवा संस्थान का ‘वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी’ अस्पताल तैयार सांसद डॉ रावत के प्रश्न पर केंद्रीय मंत्री का जवाब: घटिया व निम्न गुणवत्ता वाले बीजों और कीटनाशकों को रोकने सरकार सख्त