-सांसद डॉ मन्नालाल रावत के प्रश्न पर जनजातीय कार्य राज्यमंत्री ने दी जानकारी-2014 से पहले केवल 123 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, 2014 से अब तक 555 स्वीकृत24 News Update उदयपुर। जनजातीय कार्य मंत्रालय ने एनईएसटीएस के माध्यम से जनजातीय को एनईईटी, आईआईटी, जेईई और सीयूईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता के लिए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) के भीतर विशेष तैयारी पाठ्यक्रम और कोचिंग कार्यक्रमों का प्रावधान किया है, जिससे उच्च शिक्षा तक उनकी पहुंच बढ़ सके।सांसद डॉ मन्नालाल रावत द्वारा लोकसभा में पूछे गए अतारांकित प्रश्न पर जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने यह जानकारी दी। डॉ रावत ने नए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की स्थापना व अन्य जानकारियों को लेकर प्रश्न पूछा था।डॉ रावत ने 2014 से पहले देश में कार्यशील एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) की संख्या और उसके बाद स्वीकृत नए ईएमआरएस की संख्या के बारे में प्रश्न किया था। इस पर राज्य मंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2013-14 तक देश में कुल 123 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय ही कार्यशील थे। सरकार द्वारा 2014-15 से आज की तारीख तक कुल 555 ईएमआरएस स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 312 ईएमआरएस राज्य सरकार द्वारा क्रियाशील किए जा चुके हैं। इन 555 ईएमआरएस में से 211 के लिए भवन का निर्माण पूरा हो चुका है और 344 ईएमआरएस निर्माणाधीन अवस्था में हैं।सांसद डॉ रावत ने पूछा कि क्या सरकार का विचार राजस्थान के जनजातीय बहुल जिलों विशेषकर उदयपुर, सलूंबर, प्रतापगढ़ और डूंगरपुर में नए ईएमआरएस स्थापित करने का है। इस पर राज्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान के उदयपुर और सलूंबर जिलों में अनुमोदित ईएमआरएस है। इसी प्रकार प्रतापगढ और डूंगरपुर जिलों में भी 4-4 अनुमोदित ईएमआरएस हैं।सांसद डॉ रावत ने यह भी जानकारी मांगी कि क्या सरकार की जनजातीय छात्रों की उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ईएमआरएस के अंतर्गत विशेष तैयारी पाठ्यक्रम या कोचिंग शुरू करने की कोई योजना है। राज्यमंत्री ने बताया कि जनजातीय कार्य मंत्रालय ने एनईएसटीएस के माध्यम से जनजातीय को एनईईटी, आईआईटी, जेईई और सीयूईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता के लिए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) के भीतर विशेष तैयारी पाठ्यक्रमी और कोचिंग कार्यक्रमों का प्रावधान किया है, जिससे उच्च शिक्षा तक उनकी पहुंच बढ़ सके। वर्तमान में 3 ईएसआरएस में उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) चल है। इसके साथ सभी एमआरएस में एनजीओ के माध्यम से ऑनलाइन कोचिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है।राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति की स्थापनाराजयमंत्री ने प्रश्न के उत्तर में बताया कि राज्य ईएमआरएस सोसायटी के समन्वय से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की योजना के प्रबंधन और कार्यान्वयन के लिए एक स्वायत संगठन, राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (एनईएसटीएस) की स्थापना की गई है। मंत्रालय द्वारा इसको बजट जारी किया जाता है और एनईएसटीएस आगे राज्यों, संघ राज्य क्षेत्रों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपकर्म, निर्माण एजेंसियों, राज्य समितियों को ईएमआरएस के निर्माण और स्कूली के संचालन की लागत के लिए उनकी आवश्यकताओं के अनुसार बजट जारी करता है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation योगनगरी ऋषिकेश -उदयपुर सिटी एक तरफा स्पेशल रेलसेवा का संचालन लियो का गुडा में 16 बीघा क्षेत्र में राहडा फाउंडेशन ने शुरु की एक पेड मां के नाम अभियान की सबसे बडी मुहिम