24 न्यूज अपडेट, जोधपुर। खाओ खिलाओ संस्कृति अमर थी, है और रहेगी। ना डबल इंजन की सरकार से बदलेगा ना खाउंगा न खाने दूंगा के स्लोगन से कुछ होने वाला है। लोग सरकारी सिस्टम में दबा कर खा रहे हैं। छोटी मछलियां पकड़ी जा रही हैं जो बेईमान कहला रही हैं। उनको भी फिकर नॉट है क्योंकि विधानसभा में गूंज रहा है कि आखिर क्यों अभियोजन की स्वीकृति पर सरकारें कुंडली मार कर बैठी हैं। ऐसे में अब जब कोई केवल 5 हजार की रकम के साथ पकड़ा जाता है तो पब्लिक को विश्वास ही नहीं होता कि कोई इतनी कम रिश्वत भी आखिर कैसे खा सकता है। बहरहाल खबर ये है कि जोधपुर ग्रामीण एसीबी टीम ने बुधवार शाम बिजली विभाग के एईएन साहब और उसके सहयोगी दलाल जो मकान मालिक भी हैं, 5 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके ठिकानों पर भी तलाशी ली जा रही है।
कैसे हुआ ट्रैप?
ACB के CI पदमपाल सिंह भाटी ने बताया कि शिकायतकर्ता ने सूचना दी थी कि AEN बापिणी ऋषिकेश मीणा द्वारा VCR नहीं भरने की एवज में 5 हजार की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने जाल बिछाया। बुधवार शाम को जब परिवादी ने रिश्वत की राशि दी, तो टीम ने तत्काल मौके पर ही AEN और उसके दलाल कैलाश प्रजापत को पकड़ लिया।
दलाल के घर पर दी गई रिश्वत
आरोपी इंजीनियर दलाल के मकान में ही रहता था और यहीं पर उसने रिश्वत देने के लिए परिवादी को बुलाया था। जैसे ही परिवादी ने पैसे दिए, ACB टीम ने तुरंत उन्हें पकड़ लिया।
ACB की टीम में शामिल अधिकारी:
- CI मनीष चौधरी
- ASI रामकिशोर
- हेड कॉन्स्टेबल अचलाराम
- कॉन्स्टेबल गणेश, प्रकाश, कालूराम
ACB ने दोनों आरोपियों के ठिकानों पर भी सर्च ऑपरेशन चलाया और आगे की जांच जारी है।

