24 न्यूज अपडेट, चित्तौड़गढ़। शहर के सेंथि इलाके में सोमवार सुबह महावीर टेंट हाउस के गोदाम में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा गोदाम लपटों और काले धुएं से घिर गया। आग की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, लाखों का नुकसान
प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि जांच के बाद ही पुष्टि संभव होगी। गोदाम में टेंट, गद्दे, कुर्सियां, पंखे, जनरेटर और अन्य सजावटी सामान रखा हुआ था, जो आग की चपेट में आकर जलकर खाक हो गया। टेंट हाउस के मालिक राकेश भड़कत्या के अनुसार, नुकसान का आंकलन लाखों से करोड़ों तक पहुंच सकता है।
गेट खोलते ही आग ने लिया विकराल रूप
राकेश और उनके कर्मचारी जब सुबह गोदाम पहुंचे, तब आग कम दिखाई दे रही थी, लेकिन जैसे ही मुख्य गेट खोला गया, हवा लगते ही आग ने विकराल रूप ले लिया। तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई, जिसके बाद फायर ब्रिगेड और सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
दमकल की 7 गाड़ियों ने चार घंटे में पाया काबू
चूंकि फायर ब्रिगेड कार्यालय पास ही स्थित था, दमकल की गाड़ियां कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गईं। नगर परिषद की पांच, जिंक की एक और बिरला की एक दमकल सहित कुल 7 दमकलों ने चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अंदर घुसी भारी धुएं और जलते सामान के कारण दमकल कर्मियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दीवार तोड़कर दमकल को दिलाई अंदर तक पहुंच
सदर थाना अधिकारी निरंजन प्रताप सिंह के नेतृत्व में जेसीबी मशीन बुलवाकर गोदाम की पीछे की दीवार तोड़ी गई, जिससे दमकल गाड़ियां अंदर तक जा सकीं और आग को नियंत्रित किया जा सका।
स्थानीय लोगों ने भी निभाई जिम्मेदारी- आग की खबर मिलते ही आस-पास के लोग मदद के लिए दौड़े। कई लोगों ने साहस दिखाते हुए जलते गोदाम में घुसकर जो सामान बचाया जा सकता था, उसे बाहर निकालने में मदद की। स्थानीय लोगों की तत्परता से कुछ सामग्री को बचा लिया गया।
सुरक्षा उपायों की कमी उजागर– घटनास्थल पर न तो कोई फायर अलार्म सिस्टम था और न ही आग बुझाने के उपकरण। इस लापरवाही के कारण आग पर समय रहते नियंत्रण नहीं हो पाया और नुकसान अधिक हुआ। यह घटना आग से सुरक्षा उपायों के प्रति लापरवाह रवैये को भी उजागर करती है।
जांच जारी– फिलहाल पुलिस और फायर डिपार्टमेंट की टीमें आग लगने के कारणों की जांच में जुटी हैं। विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही नुकसान का वास्तविक आंकलन और आग लगने का स्पष्ट कारण सामने आ सकेगा।

