24 News Update उदयपुर. “बाल सुरक्षा के मुद्दे पर कार्य कर रही स्वयंसेवी संस्थाएँ अपनी संस्थानों में गठित बच्चों के लिए समिति को प्रभावी बनाने के लिए विशेष प्रयास करने की जरूरत है ताकि अधिक से अधिक बच्चों को शोषण से बचाया जा सके |” उक्त विचार राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग सदस्य ध्रूवकुमार कविया द्वारा व्यक्त किये गए | वे यहाँ जतन संस्थान और रेनबो होम्स संस्थान द्वारा बप्पा रावल सभागार, मोहनलाल सुखाडिया विश्वविध्यालय में आयोजित संभाग स्तरीय नॉलेज एक्सचेंज कार्यशाला में बोल रहे थे |
जतन संस्थान के निदेशक डॉ कैलाश बृजवासी द्वारा कार्यशाला में पधारे संभागियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्य और रूपरेखा से अवगत करवाया गया | दिव्यांशु पाठक ने जतन संस्थान् के द्वारा संचालित परियोजना के बारें में बताया गया |
प्रीति मैथ्यू ने रेनबो होम्स के बाल संरक्षण पर किये कार्यों से अवगत करवाते हुए पीपीटी के माध्यम से भारत में बच्चों की स्थितियाँ, बाल अधिकार, यूएनसीआरसी तथा कॉमिक्स के माध्यम से बाल संरक्षण समिति की कार्यप्रणाली से अवगत करवाया |
संभागियों के चार समूह में जोड़कर बाल दुर्व्यवहार(शारीरिक, मानसिक, यौनिक और परवरिश में लापरवाही/उपेक्षा) के मुद्दों को ड्राइंग के माध्यम से कार्ड शीट पर उकेरा गया | यौन शोषण से जुड़ी मामलों की अखबार की खबरों पर चर्चा की |बाल सुरक्षा के लिए अपने संस्थान में हम क्या कदम उठाएंगे इसकी लिस्टिंग की गयी |
एडीजे कुलदीप जी शर्मा डीएलएसए उदयपुर द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सेवाओं को विस्तार से समझाते हुए पॉक्सो एक्ट 2012 को समझाया साथ ही संभागियों के आएँ सवालों जिनमें कि पीड़ित प्रतिकार योजना, न्याय मित्र, राज सिटीजन एप, फास्ट ट्रेक कोर्ट, केस ऑफिसर स्कीम इत्यादि पर बात रखी |
सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श को समझाने के लिए प्रोजेक्टर पर कोमल फिल्म का प्रदर्शन किया गया |
डॉ कैलाश बृजवासी द्वारा पेनल मोडरेट करते हुए बच्चे की दुविधा से जुड़ी गिजूभाई बेधका की कविता से बात शुरू करते हुए बाल संरक्षण पर विभिन्न स्थितियों से जुड़े सवालों को पैनल के समक्ष रखा गया |
पैनल डिस्कशन में ध्रुवकुमार जी कविया सदस्य राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, के.के. चद्रवंशी जिला बाल संरक्षण अधिकारी, यशोदा पनिया अध्यक्ष बाल कल्याण समिति तथा सिद्दीका जी काउंसलर जुड़े | सिद्दीका ने कहा कि दोषारोपण करने की बजाय पेरेंट्स जिम्मेदारी लेना शुरू करें | यशोदा पनिया ने सीडब्लूसी के समक्ष आए मामलों पर किये इंटरवेंशन से अवगत करवाया | के.के. चन्द्र्वंशी ने बाल अधिकारिता विभाग द्वारा उदयपुर में संचालित किये जा रहे है प्रयासों से अवगत करवाया |
कार्यक्रम में अन्तरंग फाउंडेशन, आजीविका ब्यूरो संस्थान, गायत्री सेवा संस्थान, विकल्प जन विकास एवं स्वावलम्बन संस्थान, क्षमतालय फाउंडेशन, कोटडा आदिवासी संस्थान तथा चाइल्डलाइन उदयपुर सहित जतन संस्थान की विभिन्न परियोजना से स्टाफ उपस्थित रहे |

