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पिता भी समझे-समझाए, माहवारी की बात – संजय निराला, माहवारी स्वच्छता प्रबंधन से जुड़े उत्पाद की ग्राफिक नॉवेल का विमोचन कार्यक्रम

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24 News Update उदयपुर “माहवारी पर समझ बढ़ाना और चर्चा करना पुरुष का भी दायित्व है, वे इस विषय को समझ कर अपने बच्चों के साथ बात करें ताकि इससे सम्बंधित भ्रांतियां और गलत धारणाएँ दूर हो सकें”, जतन संस्थान द्वारा इस क्षेत्र में विगत कई वर्षों से कार्य भी किया जा रहा है जो हमारे लिए अनुकरणीय है” उक्त विचार युनिसेफ़ प्रतिनिधि संजय निराला द्वारा व्यक्त किये गए | वे यहाँ जतन संसथान द्वारा माहवारी प्रबंधन विषय पर आयोजित विशेष कार्यशाला में भाग ले रहे थे |

जतन संस्थान द्वारा अपने गौरवपूर्ण 25 वर्षो की सीख को समुदाय तक ले जाने के लिए कार्यक्रमों की श्रृंखला की प्रथम कड़ी में माहवारी पर किये गए कार्यों की यात्रा और ग्राफिक नॉवेल का विमोचन कार्यक्रम मोहन लाल सुखाडिया विश्वविद्यालय के बप्पा रावल सभाघर, (स्वर्ण जयंती गेस्ट हाउस) में आयोजित किया गया |

कार्यक्रम की शुरुआत में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन की जरूरत 2001 के समय में क्यों थी इस पर शॉर्ट फिल्म के माध्यम से उक्त समय की वस्तुस्थिति को संभागियों को अवगत करवाया गया |

कार्यक्रम में डॉ कैलाश बृजवासी निदेशक जतन संस्थान व डॉ लक्ष्मी मूर्ति, अध्यक्ष जतन संस्थान द्वारा सन 2001 अभी तक की माहवारी स्वच्छता प्रबंधन में जतन संस्थान की यात्रा को पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया गया |

माहवारी की यात्रा को जन-जन तक ले जाने के लिए जतन संस्थान द्वारा बोर्ड मेम्बर संजय चितौडा, डॉ सुमन सिंह, मुकेश सिन्हा, गोवर्धन सिंह चौहान द्वारा वर्तमान और पूर्व कार्यकर्ताओं सहित विभिन्न संस्था प्रतिनिधियों का उपहार देकर सम्मानित किया गया |

जतन संस्थान की अध्यक्ष डॉ लक्ष्मी मूर्ति के मार्गदर्शन में संचालित माहवारी स्वच्छता प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रम उगेर के तहत 1970 से 2025 के दौरान माहवारी प्रबंधन से जुड़े उत्पाद को एक बुक में क्रमबद्द्ता से पिरोते हुए ग्राफिक नॉवेल “1970 to 2025 Stories About Menstrual Products In India” तैयार की गयी थी जिसका विमोचन डॉ, लक्ष्मी मूर्ति, डॉ गायत्री तिवारी एमेरिटस प्रोफ़ेसर एमपीयूएटी, डॉ संजय निराला, बाल संरक्षण विशेषज्ञ यूनिसेफ, डॉ कैलाश बृजवासी, इन्द्राणी डे पार्कर, खुशबू सोलंकी, सोम्या, सुची व आस्था संस्थान की जिनी श्रीवास्तव द्वारा किया गया |

कार्यक्रम में मरुधर सिंह द्वारा आयोजित खुला सत्र के तहत उपस्थित साथियों ने उगेर की यात्रा और माहवारी प्रबंधन से जुड़े अपने अनुभवों को साझा किया गया |

कार्यक्रम में ख़ास आकर्षण जतन संस्थान द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी थी जिसमें, जैसे-जैसे हम बढ़ते हैं वाली लकड़ी का कावड, कहानी हर माह की, दृष्टि बाधित व्यक्तियों के लिए बनाया गया किट, सुदंर-सुंदरी पोस्टर शरीर की जानकारी के लिए, कपडे से निर्मित उगेर पेड़, अपने मेंस्ट्रुएटर को जाने बुक, सीधी सच्ची बात, माहवारी चक्का तथा उगेर यूनिट द्वारा कपडे से निर्मित विभिन्न उत्पाद प्रदर्शनी का हिस्सा थे जिनका कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा अवलोकन किया गया |

कार्यक्रम के अंत में डॉ सुरभि यादव और जगदीश सुथार उप निदेशक जतन संस्थान द्वारा पधारे हुए अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया |

कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथी व जतन संस्थान के स्टाफ उपस्थित रहे |

कार्यक्रम का संचालन दिव्यांशु पाठक द्वारा किया गया |

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