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मोहित ज्वेलर्स चोरी कांड में पुलिस की बड़ी सफलता: 2 और आरोपी गिरफ्तार, 6 किलो चांदी व बाइक बरामद

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उदयपुर। जिले के कुराबड़ थाना क्षेत्र में स्थित मोहित ज्वेलर्स में हुई बड़ी चोरी के मामले में पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए दो और वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के साथ ही प्रकरण में अब तक कुल 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है तथा उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में चोरी का माल बरामद किया गया है। पुलिस की यह कार्रवाई जिले में चलाए जा रहे वांछित अपराधियों की धरपकड़ अभियान के तहत की गई है।

जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) गोपाल स्वरूप मेवाड़ा तथा पुलिस उप अधीक्षक, वृत्त गिर्वा गोपाल चंदेल के सुपरविजन में थाना कुराबड़ के थानाधिकारी तेजु सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने आसूचना और तकनीकी सहयोग के आधार पर यह सफलता प्राप्त की। पुलिस ने प्रकरण संख्या 53/2026, धारा 331(4) एवं 305(ए) बीएनएस में वांछित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 6.00 किलोग्राम चांदी के आभूषण तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रामचन्द्र (उम्र 42 वर्ष) पुत्र काना, निवासी देव डूंगरी, थाना बिजयपुर जिला चित्तौड़गढ़ तथा अर्जुन (उम्र 24 वर्ष) पुत्र रमेश, निवासी दुधी तलाई, थाना बिजयपुर जिला चित्तौड़गढ़ शामिल हैं। दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और पुलिस इनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी।

पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में इससे पूर्व 3 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 57.800 किलोग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए जा चुके थे। नवीनतम कार्रवाई के बाद कुल बरामदगी 63.800 किलोग्राम चांदी तक पहुंच गई है, जबकि संपूर्ण प्रकरण में विभिन्न चरणों में कुल 83.800 किलोग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए जाने का आंकड़ा भी सामने आया है। मामले में बरामदगी के आंकड़ों का सत्यापन और अनुसंधान जारी है।

घटना का विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि दिनांक 15 मार्च 2026 को प्रार्थी अशोक सोनी पुत्र कालूलाल, निवासी कुराबड़ (हाल लखारा चौक, थाना धानमंडी, उदयपुर) ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि 14 मार्च 2026 की रात्रि को कुराबड़ स्थित उनकी दुकान “मोहित ज्वेलर्स” का ताला तोड़कर अज्ञात बदमाशों ने सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए। रिपोर्ट पर प्रकरण संख्या 53/2026 धारा 331(4) एवं 305(ए) बीएनएस में मामला दर्ज कर गहन अनुसंधान प्रारंभ किया गया।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने विभिन्न राज्यों और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी, तकनीकी साक्ष्य जुटाए तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखा। साइबर सेल की सहायता से आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई और उनके मूवमेंट को ट्रैक करते हुए पुलिस ने सटीक कार्रवाई कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की।

इस पूरे ऑपरेशन में थानाधिकारी तेजु सिंह के नेतृत्व में टीम के सदस्य—हेड कांस्टेबल शांतिलाल (नं. 505), हेड कांस्टेबल रूपलाल (नं. 221), कांस्टेबल राजेन्द्र कुमार (नं. 2997), भूराराम (नं. 3108), लाल सिंह (नं. 2457), लोकेश कुमार (नं. 1796), रामकरण (नं. 3234), कानाराम (नं. 3151), लोकेश रायकवाल (कांस्टेबल, साइबर सेल), रामावतार (कांस्टेबल, साइबर सेल चित्तौड़गढ़), रामधन (कांस्टेबल, पुलिस थाना बिजयपुर) एवं नरेन्द्र सिंह (कांस्टेबल, पुलिस थाना बिजयपुर)—की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

गिरफ्तार आरोपियों को विधिवत न्यायालय में पेश किया गया है और मामले में अग्रिम अनुसंधान जारी है। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून से बचने की कोशिश करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

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