उदयपुर। जिले के खेरवाड़ा क्षेत्र में महिला से दिनदहाड़े लूट की वारदात को अंजाम देने वाले शातिर गिरोह का पुलिस ने महज पांच दिन में पर्दाफाश कर दिया। सुनियोजित तरीके से वारदात करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने लूटी गई सोने की चेन और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद कर ली है।
जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना सुखवाल एवं वृताधिकारी राजीव राहर के सुपरविजन में खेरवाड़ा थानाधिकारी करनाराम जाट के नेतृत्व में गठित टीम ने इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया।
पानी मांगने के बहाने की वारदात
घटना 7 अप्रैल 2026 की है, जब सुवेरी निवासी 50 वर्षीय चम्पादेवी पटेल अपने घर पर थीं। इसी दौरान काले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक घर पहुंचे और पानी मांगने का बहाना किया। जैसे ही महिला ने पानी दिया, बदमाशों ने मौके का फायदा उठाकर उनके गले से सोने की चेन तोड़ ली और फरार हो गए।
100 से ज्यादा CCTV खंगाले, 200 बाइक चेक
वारदात के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदिग्धों की पहचान के लिए 200 से ज्यादा मोटरसाइकिलों की जांच की। इतना ही नहीं, पुलिस टीम ने पहाड़ी और जंगल क्षेत्रों में मजदूर बनकर करीब 20-30 किलोमीटर तक पैदल सर्च ऑपरेशन चलाया।
जंगल में घेराबंदी कर पकड़े आरोपी
मुखबिर की सूचना पर पहाड़ा, सरेरा, कनबई, उखेड़ी और आसपास के जंगलों में घेराबंदी की गई। पुलिस को देखते ही दो युवक भागने लगे, जिन्हें पीछा कर पकड़ लिया गया। पूछताछ में उनकी पहचान
- भाविन कुमार (20) निवासी लक्ष्मणपुरा महुवाल
- आशिष उर्फ आषु (22) निवासी फुटाला निचला
के रूप में हुई।
तीसरे आरोपी मंशाराम (30) निवासी सरैरा को प्रोडक्शन वारंट के जरिए गिरफ्तार किया गया।
मनोवैज्ञानिक व तकनीकी जांच से खुलासा
पुलिस ने आरोपियों से तकनीकी साक्ष्य और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के आधार पर वारदात का खुलासा किया। उनके कब्जे से लूटी गई सोने की चेन बरामद कर ली गई है।
टीम की अहम भूमिका
इस कार्रवाई में थानाधिकारी करनाराम जाट (विशेष भूमिका), गोविन्द सिंह, राकेश मेहता, ताराचंद, दानवीर, नरेश कुमार, मनिन्द्र सिंह (आसूचना अधिकारी), दिलीप, मयंक, भंवर सिंह, लोकेश, अजय, कुलदीप सिंह (साइबर सेल) और लोकेश (साइबर सेल) की अहम भूमिका रही।

