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चैन स्नेचिंग कांड: अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, छह माह से फरार इनामी बदमाश गिरफ्तार

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24 News Update बांसवाड़ा। जिले के छाजा गांव में महिला किराना दुकानदार से हुई चैन स्नेचिंग की वारदात में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। आनंदपुरी थाना पुलिस ने इस संगीन अपराध के तीसरे और मुख्य आरोपी कोटड़ा निवासी लोकेश किर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी बीते छह माह से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, लोकेश की गिरफ्तारी केवल एक आरोपी की धरपकड़ भर नहीं है, बल्कि इससे एक सक्रिय अंतरराज्यीय चैन स्नेचिंग गिरोह की कार्यप्रणाली और नेटवर्क पूरी तरह उजागर हो गया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश में सक्रिय अपने गिरोह के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।

तीन राज्यों में फैला नेटवर्क, आठ वारदातों का खुलासा
लोकेश ने कबूल किया कि वह करीब 10 साथियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह संचालित कर रहा था। यह गिरोह सीमावर्ती क्षेत्रों का लाभ उठाते हुए राज्य बदल-बदल कर चैन स्नेचिंग और लूट की वारदातों को अंजाम देता था, जिससे पुलिस से बचना आसान हो जाता था। अब तक आरोपी ने तीन राज्यों में कुल आठ वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। आरोपी के बयान के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। आवश्यक होने पर गुजरात और मध्यप्रदेश पुलिस से समन्वय स्थापित कर संयुक्त कार्रवाई की जाएगी।

वारदात का शातिर तरीका
जांच में सामने आया है कि गिरोह की कार्यशैली बेहद योजनाबद्ध और शातिर थी। आरोपी पहले किराना दुकानों या छोटे प्रतिष्ठानों की रेकी करते थे। जहां महिला दुकानदार अकेली होती, उसे निशाना बनाया जाता। बदमाश ग्राहक बनकर दुकान में प्रवेश करते और ऐसा सामान मांगते, जो पीछे की शेल्फ पर रखा हो। जैसे ही महिला पीछे मुड़ती, आरोपी गले से सोने की चेन झपटकर फरार हो जाते। इसी पैटर्न पर राजस्थान के बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ जिलों के अलावा गुजरात के संतरामपुर, बड़ौदा और सूरत क्षेत्रों में तथा महाराष्ट्र में भी वारदातें की गईं।

छाजा की घटना से खुला पूरा गिरोह
उल्लेखनीय है कि 20 जुलाई 2025 को छाजा गांव में इसी गिरोह ने एक महिला किराना दुकानदार से सोने की चेन छीनी थी। घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों की सतर्कता और पुलिस की तत्परता से कोटड़ा निवासी राजू किर को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि लोकेश किर फरार हो गया था। लोकेश को फरार कराने में मदद करने वाले ईश्वर नामक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया था। इसके बाद से लोकेश लगातार अलग-अलग राज्यों में ठिकाने बदलता रहा, लेकिन आखिरकार आनंदपुरी थाना पुलिस ने सटीक सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर उसे दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी लोकेश के कब्जे से महिला दुकानदार से लूटी गई सोने की चेन भी बरामद कर ली है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे और खुलासे होने की प्रबल संभावना है तथा शीघ्र ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्त में लिया जाएगा।

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