भीलवाड़ा (सूरज वर्मा)। भीलवाड़ा में ग्राहक की सक्रियता और पुलिस के त्वरित सहयोग से एक बड़ा साइबर अपराध होने से बच गया।
जानकारी के अनुसार शहर की चार्टर्ड अकाउंटेंट सोनम गगरानी सोडाणी को रविवार सुबह एक कॉल आया, जिसमें बताया गया कि उनका बैंक का क्रेडिट कार्ड डिलीवर होना है लेकिन कूरियर कर्मचारी को उनका पता नहीं मिल रहा है। कॉल करने वाले ने एक नंबर देकर उस पर संपर्क करने को कहा।
सोनम ने जैसे ही उस नंबर पर फोन किया, उनका मोबाइल तुरंत हैक हो गया। हैकर्स ने फोन से जुड़ी सभी जानकारी, व्हाट्सऐप, पासवर्ड, बैंक खातों और एफडी की डिटेल्स तक पहुंच बना ली। इसके बाद फोन में सेव सैकड़ों नंबरों पर पैसों की जरूरत बताकर संदेश भी भेज दिए।
घटना का पता तब चला जब उनके पति मोहित सोडाणी और परिवार के अन्य सदस्यों के पास लगातार कॉल और मैसेज आने लगे कि सोनम के मोबाइल से पैसे मांगने के संदेश आ रहे हैं।
स्थिति समझ में आते ही मोहित सोडाणी ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के कंट्रोल रूम नंबर पर सूचना दी। वहां मौजूद पुलिसकर्मी विक्रम सिंह, शक्ति सिंह और साइबर सेल के कांस्टेबल छोटूलाल ने तुरंत मोबाइल हैकिंग को रोकने की प्रक्रिया बताई।
पुलिस के निर्देशों का पालन करते ही कुछ ही मिनटों में मोबाइल को सुरक्षित कर लिया गया। साथ ही संभावित खतरे को देखते हुए बैंक खातों को अस्थायी रूप से फ्रीज कर पासवर्ड भी बदल दिए गए।
परिवार की सदस्य खुशबू सोडाणी और अनिता सोडाणी ने बताया कि कुछ ही मिनटों में इतने फोन और संदेश आ गए कि शुरुआत में समझ नहीं आया क्या करें। बाद में साइबर सेल से संपर्क करने पर पुलिस ने तुरंत सहायता दी और संभावित बड़े नुकसान से बचा लिया।
सोनम गगरानी सोडाणी और मोहित सोडाणी ने आम जनता से अपील की कि मोबाइल हैकिंग के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में यदि किसी के साथ इस प्रकार की घटना हो तो घबराने के बजाय तुरंत पुलिस के साइबर सेल से संपर्क कर उनके निर्देशों का पालन करना चाहिए, जिससे बड़े आर्थिक नुकसान से बचा जा सकता है।

