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लेपर्ड हमले के पीड़ित परिवार से मिली विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम, मुआवजा व निःशुल्क कानूनी सहायता का भरोसा

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24 News Update उदयपुर। जंगली जानवरों के हमलों से पीड़ित लोगों को न्याय और मुआवजा दिलाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर की टीम ने उपली बड़ी क्षेत्र में लेपर्ड हमले में मृतक व्यक्ति के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें निःशुल्क कानूनी सहायता और शीघ्र मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर के अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश गुप्ता के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नाल्सा) की मानव-वन्यजीव संघर्ष पीड़ितों के लिए न्याय तक पहुंच (एचडब्ल्यूसी) योजना-2025 के तहत गठित टीम गांव उपली बड़ी पहुंची। टीम ने मृतक के परिवारजनों से मुलाकात कर उन्हें योजना के तहत उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी दी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा ने बताया कि नाल्सा की इस योजना का उद्देश्य शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों के हमलों से प्रभावित लोगों को कानूनी सहायता प्रदान कर उन्हें न्याय और मुआवजा दिलाना है। यदि किसी व्यक्ति पर जंगली जानवर हमला करता है और उसे चोट पहुंचती है या मृत्यु हो जाती है, तो पीड़ित अथवा उसके आश्रितों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
उन्होंने बताया कि 1 मार्च 2026 को समाचार पत्रों में उपली बड़ी क्षेत्र में लेपर्ड हमले से एक व्यक्ति की मृत्यु की खबर प्रकाशित होने के बाद प्राधिकरण ने मामले में संज्ञान लिया। इसके बाद जिला कलेक्टर एवं मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) को पत्र भेजकर मुआवजा प्रक्रिया की जानकारी मांगी गई। उपवन संरक्षक अजय चितौड़ से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर एचडब्ल्यूसी योजना के तहत नोडल अधिकारी संतोष कुमार मेनारिया तथा चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल गोविंद वैष्णव (अधिवक्ता) को पीड़ित परिवार से मिलने गांव उपली बड़ी भेजा गया। टीम ने मृतक के परिजनों से चर्चा कर बताया कि मृतक की माता आश्रित पाई गई हैं, जिन्हें योजना के तहत निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर वन विभाग के माध्यम से शीघ्र मुआवजा दिलाने का भरोसा भी दिया गया।
इस दौरान टीम ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए अपील की कि जब तक पैंथर को पकड़कर पिंजरे में नहीं डाला जाता, तब तक हॉटस्पॉट क्षेत्र के आसपास जाने से बचें। सचिव कुलदीप शर्मा ने जिले के नागरिकों से भी अपील की कि यदि किसी आवासीय क्षेत्र में जंगली जानवर की गतिविधि दिखाई दे या उसके हमले से कोई घायल अथवा मृत हो जाए, तो पीड़ित या उसके आश्रित निःशुल्क विधिक सहायता के पात्र हैं। ऐसी स्थिति में नाल्सा हेल्पलाइन 15100 या मोबाइल हेल्पलाइन 8306002022 पर संपर्क किया जा सकता है।

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