राजस्थान में जल जीवन मिशन (जेजेएम) से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की गिरफ्तारी के बाद से जेल में बंद जोशी को इस फैसले से बड़ी कानूनी राहत मिली है। हालांकि, जमानत मिलने का अर्थ मामले में आरोपों से बरी होना नहीं है। जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बीच अब इस प्रकरण की आगे की दिशा पर नजर रहेगी। जयपुर, 16 अक्टूबर। राजस्थान में जल जीवन मिशन के तहत हुए कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मंत्री महेश जोशी की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। एसीबी ने उन्हें 7 मई 2026 को गिरफ्तार किया था। इस हिसाब से वे करीब पांच महीने से हिरासत में थे। जमानत के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया अदालत की शर्तों और आवश्यक औपचारिकताओं के अनुसार पूरी होगी।सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने 12 अक्टूबर को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को आया निर्णय जोशी की उस अपील पर महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जिसमें उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत खारिज होने के फैसले को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली तो शीर्ष अदालत पहुंचे थे जोशीइससे पहले अगस्त 2026 में राजस्थान हाईकोर्ट ने महेश जोशी और पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल समेत कई आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। हाईकोर्ट ने आरोपों की गंभीरता और सरकारी खजाने को कथित तौर पर हुए नुकसान को ध्यान में रखा था। इसके बाद जोशी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। यह मामला केवल एक पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी और जमानत तक सीमित नहीं है। इसकी जांच में जलदाय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, निविदा प्रक्रिया और सरकारी धन के इस्तेमाल से जुड़े कथित अनियमितताओं के पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।पहले ईडी ने किया था गिरफ्तार, उस मामले में दिसंबर 2025 में मिली जमानतमहेश जोशी की गिरफ्तारी का घटनाक्रम दो अलग-अलग जांचों से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें 24 अप्रैल 2025 को कथित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया था। उस प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने 3 दिसंबर 2025 को उन्हें जमानत दे दी थी। इसके बाद एसीबी ने जेजेएम से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में 7 मई 2026 को उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया।इसलिए ईडी के मामले में मिली पिछली जमानत और अब एसीबी के प्रकरण में मिली राहत को अलग-अलग समझना जरूरी है। एक मामले में जमानत मिलने से दूसरे मामले में स्वतः रिहाई नहीं होती।सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद जांच में आया तेजी का दौरजेजेएम मामले में एसीबी ने 9 अप्रैल 2026 को जलदाय विभाग के तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। इसके करीब एक महीने बाद महेश जोशी की गिरफ्तारी हुई। जांच का दायरा विभागीय अधिकारियों से लेकर योजना के क्रियान्वयन और ठेकों से संबंधित कथित अनियमितताओं तक फैला हुआ है। 22 अधिकारियों के खिलाफ दर्ज हुई थी एफआईआरएसीबी ने इस प्रकरण में पूर्व मंत्री महेश जोशी समेत 22 अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इनमें जेजेएम के वित्तीय सलाहकार सुनील शर्मा, तत्कालीन मुख्य अभियंता रामकरण मीणा और दिनेश गोयल, अतिरिक्त मुख्य अभियंता अरुण श्रीवास्तव व रमेश चंद मीणा, परितोष गुप्ता, अधीक्षण अभियंता निरिल कुमार, विकास गुप्ता, महेंद्र प्रकाश सोनी, भगवान सहाय जाजू, जितेंद्र शर्मा और अधिशासी अभियंता विशाल सक्सेना सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।मामले की मूल पड़ताल में निविदाओं, कथित फर्जी अनुभव प्रमाणपत्रों और ठेके हासिल करने की प्रक्रिया से जुड़ी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। हालांकि, प्रत्येक आरोपी की भूमिका और आरोपों की पुष्टि का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होना है।जमानत से क्या बदलेगा?सुप्रीम कोर्ट के फैसले से महेश जोशी को एसीबी के मामले में हिरासत से बाहर आने का रास्ता मिला है। लेकिन जमानत को दोषमुक्ति नहीं माना जा सकता। मामले की जांच, अभियोजन की कार्रवाई और अदालत में आरोपों की सुनवाई अपनी कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ेगी। उनकी वास्तविक रिहाई भी आवश्यक आदेशों और औपचारिकताओं पर निर्भर करेगी।जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक नल से पेयजल पहुंचाना है। ऐसे में इस योजना से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सार्वजनिक धन, प्रशासनिक जवाबदेही और ग्रामीण जलापूर्ति से जुड़े सवालों के कारण महत्वपूर्ण है। अब आगे की जांच और न्यायिक कार्यवाही से यह स्पष्ट होगा कि विभिन्न आरोपियों की भूमिका के संबंध में कौन-से तथ्य अदालत में प्रमाणित हो पाते हैं। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation विस्फोटकों से भरा कंटेनर डिवाइडर से टकराया, आग के गोले में बदला; धमाकों जैसी आवाजों से दहशत फतहसागर पाल पर पर्यटकों को मिलेगी पुलिस की मदद, सात बूथ और 24 पेट्रोलिंग टीमें संभालेंगी सुरक्षा