24 News Update जयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) से जुड़े कथित घोटाले में गिरफ्तार पांच आरोपियों को जमानत दे दी है। इनमें श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी के संचालक पदमचंद जैन के पुत्र पीयूष जैन, गणपति ट्यूबवेल कंपनी के मालिक महेश मित्तल और उनके पुत्र हेमंत मित्तल सहित अन्य आरोपी शामिल हैं।
सभी आरोपियों को राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने दिसंबर 2025 में गिरफ्तार किया था। बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि एसीबी ने इस मामले में वर्ष 2023 में एफआईआर दर्ज की थी और उस समय जांच लंबित रखी गई थी। करीब दो वर्ष बाद दिसंबर 2025 में आरोपियों की गिरफ्तारी की गई, जबकि जांच एजेंसी के पास कोई नया साक्ष्य नहीं है।
वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रह्मानंद सांदू ने अदालत को बताया कि जिन सरकारी अधिकारियों पर रिश्वत लेने के आरोप हैं, उनके विरुद्ध अब तक अभियोजन स्वीकृति जारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ चालान पेश हो चुका है और जिन धाराओं में आरोप तय किए गए हैं, उनमें अधिकतम सात वर्ष की सजा का प्रावधान है। ऐसे में ट्रायल लंबा चलने की संभावना को देखते हुए जमानत दी जानी चाहिए। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि पीयूष जैन के विरुद्ध कोई स्पष्ट आरोप नहीं है। एसीबी ने जिन कथित बातचीत का हवाला दिया है, उनमें धन के लेन-देन का कोई उल्लेख नहीं है और ना ही उनके पास से कोई बरामदगी हुई है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सभी आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
जल जीवन मिशन प्रकरण: हाईकोर्ट से पीयूष जैन सहित पांच आरोपियों को जमानत

Advertisements
