आलेख : 🌿 योग: स्वास्थ्य, संतुलन और शांति की ओर एक कदम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, जो प्रत्येक वर्ष 21 जून को मनाया जाता है, एक ऐसा अवसर है जब दुनिया भर के लोग योग के महत्व और इसके स्वास्थ्य लाभों को समझकर अपने जीवन में इसे अपनाने के लिए प्रेरित होते हैं। यह दिवस 2015 में भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रस्तावित किया गया था। तब से यह दिन पूरे विश्व में योग के प्रचार-प्रसार का प्रमुख अवसर बन गया है। 🌍 इस वर्ष की थीम: “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” इस वर्ष, इस दिवस को और भी विशेष बनाने के लिए, इसका विषय “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” रखा गया है। यह विषय न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुधारने पर जोर देता है, बल्कि मानसिक और आत्मिक स्वास्थ्य के महत्व को भी रेखांकित करता है। 🪴 “हमारे स्वास्थ्य का सिद्धांत पृथ्वी के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। जब हम पर्यावरण की रक्षा करते हैं और जीवन में संतुलन रखते हैं, तभी हम शरीर और मन को स्वस्थ रख पाते हैं।” 🧘 योग: एक सम्पूर्ण जीवनशैली योग, जो एक प्राचीन और प्राकृतिक पद्धति है, हमें हमारे शरीर के हर अंग को सशक्त बनाने और मानसिक शांति प्राप्त करने में मदद करता है। इस विषय के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि🔸 केवल शरीर नहीं,🔸 पर्यावरण की रक्षा भी आवश्यक है,🔸 ताकि आने वाली पीढ़ियां भी स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकें। 🌈 मन, शरीर और आत्मा – तीनों के लिए योग योग के द्वारा हम न केवल शरीर को मजबूत और स्वस्थ बना सकते हैं, बल्कि💠 अपने मन और आत्मा को भी💠 शांति और संतुलन देने का प्रयास कर सकते हैं। 🌿 यह सिद्ध करता है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि यह मानसिक और आत्मिक सुधार का एक प्रभावी माध्यम भी है। 🔄 योग: विचारों से मुक्ति और ऊर्जा का संचार जब हम योग करते हैं, तो✨ हम अपने मन को विचारों के बोझ से मुक्त करते हैं,✨ शरीर को नई ऊर्जा देते हैं,✨ जीवन में एक प्राकृतिक संतुलन स्थापित करते हैं। यह न केवल हमारे लिए, बल्कि पर्यावरण के लिए भी लाभकारी होता है। 🧘♀️ आज की दुनिया में योग की प्रासंगिकता जहाँ🌐 मानसिक तनाव,🏙️ व्यस्त जीवन और🌫️ पर्यावरणीय समस्याएं बढ़ रही हैं, वहाँ योग एक ऐसा साधन है जिससे हम अपने जीवन में शांति और संतुलन ला सकते हैं। 🌐 योग: भारत से विश्व तक आज अनेक देश योग के महत्व को समझते हुए इसे अपने राष्ट्रीय जीवन और संस्कृति का हिस्सा बना रहे हैं। 🔹 भारत के अलावा कई विदेशी राष्ट्र🔹 योग के लाभ को स्वीकार कर🔹 इसे अपनाकर समाज में संवेदनशीलता और संबंधों की मजबूती को बढ़ावा दे रहे हैं। 💬 “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य”: आज का संदेश, कल की दिशा इस विषय के माध्यम से यह स्मरण कराया जा रहा है कि – “हमारे आज के निर्णय हमारे कल को प्रभावित करते हैं।”यदि हम आज अपने शरीर का ध्यान रखें और पर्यावरण की रक्षा करें,तो आने वाले समय में🌱 हमारी सेहत और पृथ्वी – दोनों स्वस्थ रहेंगी। 🙏 योग दिवस पर संदेश डॉ. शुभा सुराणा,योग एक्सपर्ट एवं सहायक आचार्य (LMTT डबोक) “अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर इस संदेश को अपनाते हुए, सभी लोगों को योग की अपनाई हुई विधि के जरिए एक स्वस्थ और सुखी जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है,जो न केवल उनके शरीर को, बल्कि उनके मन और आत्मा को भी संतुलन और शांति प्रदान करती है।” ✍️ डॉ. शुभा सुराणायोग विशेषज्ञ एवं सहायक आचार्य(एल एम टी टी कॉलेज, डबोक) Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation आज जगदीश चौक में उतरेगा रजत रथ, गणेश पूजन के साथ प्रारंभ होगी रथयात्रा की तैयारियाँ कैट विमेन विंग की ओर से “योग है से निरोग” कार्यक्रम का सफल आयोजन