उदयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा 19 से 22 फरवरी तक ट्रेनों में अवैध रूप से प्रतिबंधित सामग्री ले जाने वालों के विरुद्ध चार दिवसीय विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान कुल 481 ट्रेनों की गहन जांच की गई, जिसमें 09 व्यक्तियों को प्रतिबंधित सामग्री के साथ पकड़ा गया।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि अभियान के तहत पटाखे, पेट्रोलियम पदार्थ, गैस सिलेंडर, केरोसिन, सूखी झाड़ियां, नशीले पदार्थ आदि जैसी प्रतिबंधित वस्तुओं की जांच की गई। यह सामग्री रेल यात्रा के दौरान पूरी तरह प्रतिबंधित है क्योंकि इससे यात्रियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।
चार दिवसीय अभियान में वाणिज्य, रेलवे सुरक्षा बल, यांत्रिक, कैरिज एवं वैगन तथा कार्मिक विभाग के कर्मचारियों ने विभिन्न स्टेशनों पर व्यापक स्तर पर जांच की। यात्रियों के साथ-साथ रेल कर्मचारियों एवं ठेका कर्मचारियों की भी चेकिंग की गई। पकड़े गए 09 व्यक्तियों के विरुद्ध रेलवे सुरक्षा बल अथवा राजकीय रेलवे पुलिस द्वारा मामला दर्ज किया गया है।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रेलवे अधिनियम के तहत रेल यात्रा के दौरान प्रतिबंधित या विस्फोटक सामग्री ले जाना दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर 1,000 रुपये तक जुर्माना, तीन वर्ष तक का कारावास या दोनों का प्रावधान है।
उत्तर पश्चिम रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत रेलवे सुरक्षा बल, टीटीई अथवा रेलवे हेल्पलाइन 139 और ‘रेल मदद’ ऐप के माध्यम से दें। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी अवांछनीय गतिविधि पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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