24 News Update उदयपुर। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के लिए शुक्रवार को हो रहे मतदान में दोपहर 1 बजे तक मतदाताओं का रुझान स्पष्ट रूप से छोटे नगर निकायों की ओर अधिक दिखाई दिया। उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण करें तो प्रदेश के कई नगरपालिका क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत 60 से 70 फीसदी के पार पहुंच गया, जबकि बड़े नगर निगमों में मतदाता अपेक्षाकृत धीमी गति से मतदान केंद्रों तक पहुंचे।उदयपुर जिले के तीन प्रमुख निकायों में भी मतदान का अलग-अलग रुझान सामने आया है। दोपहर 1 बजे तक मावली नगर पालिका में सर्वाधिक 67.57 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कानोड़ में 56.24 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जबकि उदयपुर नगर निगम क्षेत्र में मतदान प्रतिशत करीब 39.21 प्रतिशत रहा। मावली और कानोड़ में उत्साह, उदयपुर शहर में अपेक्षाकृत सुस्तीउदयपुर जिले के आंकड़े ग्रामीण कस्बाई इलाकों और बड़े शहरी क्षेत्र के मतदान व्यवहार के बीच महत्वपूर्ण अंतर को सामने रखते हैं। मावली में जहां दोपहर तक दो-तिहाई से अधिक मतदाता मतदान कर चुके थे, वहीं कानोड़ भी 56 फीसदी से अधिक मतदान के साथ मजबूत स्थिति में रहा।इसके विपरीत उदयपुर नगर निगम क्षेत्र में मतदान की गति अपेक्षाकृत कम रही। बड़े शहरों में मतदाता क्षेत्रों का विस्तार, व्यस्त दिनचर्या, मतदान केंद्रों तक पहुंच और स्थानीय राजनीतिक समीकरण जैसे कारक मतदान प्रतिशत को प्रभावित करते हैं। हालांकि अंतिम मतदान प्रतिशत तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगा। प्रदेशभर में छोटे निकायों ने दिखाई मतदान की ताकतराजस्थान के विभिन्न जिलों से प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि छोटे नगर निकायों में मतदान का उत्साह बड़े नगर निगमों की तुलना में अधिक रहा।सबसे अधिक मतदान वाले निकायों में अलवर जिले की बड़ौदामेव नगर पालिका 75.13 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रही। फलोदी जिले की बाप नगर पालिका में 73.78 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। झालावाड़ जिले की मनोहरथाना नगर पालिका में 72.37 प्रतिशत, हनुमानगढ़ की गोलूवाला नगर पालिका में 70.95 प्रतिशत और अलवर की गोविंदगढ़-रामबास नगर पालिका में 58.19 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। बालोतरा जिले की धोरीमन्ना नगर पालिका में 69.56 प्रतिशत तथा सिंधारी में 66.80 प्रतिशत मतदान रहा। चित्तौड़गढ़ जिले के आकोला में भी 68.99 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला।इन आंकड़ों से एक व्यापक तस्वीर उभरती है—छोटे कस्बों में स्थानीय चुनावों का सीधा असर मतदाताओं की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा होने के कारण मतदान को लेकर अधिक सक्रियता दिखाई दे रही है। बड़े नगर निगमों में मतदान की रफ्तार धीमीप्रदेश के प्रमुख नगर निगम क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा। अजमेर नगर निगम में दोपहर तक 35.61 प्रतिशत, जोधपुर नगर निगम में 43.51 प्रतिशत और कोटा नगर निगम में 29.91 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। जयपुर नगर निगम क्षेत्र का उपलब्ध आंकड़ा 16.23 प्रतिशत है, हालांकि यह आंकड़ा भी संबंधित समयावधि के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।उदयपुर नगर निगम में 39 प्रतिशत के आसपास मतदान दर्ज होना इस बात का संकेत है कि महानगरीय क्षेत्रों में मतदान का पैटर्न छोटे नगर निकायों से अलग है। राजसमंद में भी मतदान को लेकर उत्साहराजसमंद जिले के निकायों में भी मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी दिखाई दी। भीम नगर पालिका में 63.14 प्रतिशत, देवगढ़ में 56.12 प्रतिशत और राजसमंद नगर परिषद में 47.84 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। राजसमंद नगर परिषद के मतदान केंद्रों पर बुजुर्ग मतदाताओं और विशेष परिस्थितियों वाले मतदाताओं का उत्साह भी देखने को मिला। इससे संकेत मिलता है कि स्थानीय निकाय चुनावों में मतदाता लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर गंभीर हैं। आंकड़ों का संकेत क्या है?राजस्थान के निकाय चुनावों के दोपहर तक के आंकड़े तीन महत्वपूर्ण संकेत देते हैं। पहला, छोटे नगर निकायों में स्थानीय मुद्दे और व्यक्तिगत संपर्क आधारित राजनीति मतदान को गति दे रही है। दूसरा, बड़े नगर निगम क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए अंतिम चरण में राजनीतिक दलों और प्रशासन के प्रयास महत्वपूर्ण होंगे। तीसरा, शुरुआती मतदान प्रतिशत को अंतिम चुनावी परिणामों का संकेत मानना उचित नहीं होगा। कई क्षेत्रों में दोपहर बाद और शाम के समय मतदान में तेजी आती है। फिलहाल उपलब्ध तस्वीर में मावली राजस्थान के शहरी निकाय चुनाव में उदयपुर जिले का सबसे सक्रिय मतदान क्षेत्र बनकर उभरा है, जबकि बड़ौदामेव, बाप और मनोहरथाना जैसे छोटे निकाय प्रदेशभर में मतदान उत्साह की नई कहानी लिख रहे हैं।अंतिम मतदान प्रतिशत ही यह तय करेगा कि शुरुआती रुझान किस हद तक वास्तविक जनभागीदारी में तब्दील हुए। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation तीन पीढ़ियों का मतदान, चौथी पीढ़ी की उपस्थिति