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कलयुग में पापो का छुटकारा सिर्फ राम नाम से ही है-संत तिलकराम महाराज

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24 News Update सागवाड़ा (जयदीप जोशी)। आसपुर मार्ग लोहारिया तालाब के सामने स्थित कान्हडदास दास धाम बड़ा रामद्वारा चातुर्मास में शाहपुरा धाम के रामस्नेही संत तिलकराम ने सत्संग में बताया कि कलयुग में पापों का छुटकारा सिर्फ राम नाम ही है दुगरो को कलयुग अच्छा लगता है कलयुग के समान र्कोई युग नहीं ।
संत ने कहा सत्संग में जाकर हम आत्मा पर लगे मेल को धोने का कार्य कर सकते हैं अधिक से अधिक तप, त्याग और साधना करनी चाहिए । जीवन में अमीर बनने का पासवर्ड दान है शुद्ध भाव से दिया गया दान कई गुना होकर लौटता है । भावना शुद्ध हो तो अमीर को भी केवल ज्ञान हो सकता है । जैसी भावना होगी वैसा ही भाव होगा । धर्म का असली स्वरूप समझना जरूरी है । किसी का दिल न दुखाना सबसे बड़ा धर्म है । घर में मॉ को ठुकराए और मंदिर में चुनरी चढ़ाए वह धर्म नहीं हो सकता । जीते जी माता-पिता की सेवा न कर मृत्यु के बाद सेवा कार्य करना भी धर्म नहीं है । सच्चे धर्म की साधना से मोक्ष प्राप्त किया जा सकता है। संत ने कहा कि दूसरों की निंदा करना पाप कर्म का बंधन है । स्वयं के बुरे कार्य -व्यवहार की आलोचना करना मुक्ति का माध्यम है । आज चरित्र- निर्माण की और कोई भी ध्यान नहीं देता है । हर परिवार में माता-पिता के मन में अपनी संतान के चरित्र निर्माण के लिए कोई रुचि नहीं है उनमें धार्मिकता नगण्य है । नितिशास्त्र कहता है कि जो माता-पिता अपनी संतान को संस्कार नहीं देते हैं वह उसके शत्रु है सुसंस्कार जीवन को निखारते हैं । संत ने कहा लोग कहते हैं यह सब भगवान की माया है लेकिन हमारा मानना है कि भगवान माया नहीं करते तो माया करें वह भगवान कैसे हो सकता है । भगवान तो वीतराग होते हैं वितराग माया नहीं करते । जिसका चिंतन सही होता है वह दुःख में सुख की खोज करता है और जिसका सोच गलत होती है वह सुख में दुःख की खोज कर लेता है । प्रवक्ता बलदेव सोमपुरा ने बताया सत्संग के दौरान संत के सानिध्य में महंत जगवल्लभजी महाराज का 18 वॉ निर्वाण दिवस मनाया जाएगा। संत प्रसाद सुरेंद्र शर्मा परिवार का रहा एवं सत्संग में नाथू परमार ,विष्णु भावसार, बंसीलाल दर्जी,संगीता सोनी, प्रेमलता सुथार, प्रेमलता पंचाल, मिटी परमार, भानु, कौशल्या सेवक ,मणी रोत ,नानी डामोर सहित रामस्नेही भक्त उपस्थित रहे।

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